जयनगर. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जयनगर की रात्रिकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गयी है. सोमवार की रात आपात स्थिति में पहुंचे दो मरीजों को अस्पताल से इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है. परिजनों के अनुसार, अस्पताल में न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही मरीजों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया. जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे सरमांटांड़ निवासी कृष्णा राम को सांप ने काट लिया. परिजन उन्हें सीएचसी जयनगर लेकर पहुंचे. आरोप है कि अस्पताल का मुख्य द्वार बंद था. काफी देर तक आवाज लगाने के बाद एक गार्ड बाहर आया. परिजनों ने बताया कि सांप काटने की जानकारी देने पर गार्ड ने अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने की बात कहते हुए मरीज को सदर अस्पताल ले जाने की सलाह दी. इसी दौरान सड़क दुर्घटना में घायल लोहाडंडा निवासी मोहन यादव को लेकर उनके परिजन भी अस्पताल पहुंचे. उनका आरोप है कि उन्हें भी अस्पताल के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया. गार्ड ने डॉक्टर की अनुपस्थिति बताते हुए मरीज को सदर अस्पताल ले जाने को कहा. घटना के बाद लोगों में अस्पताल की रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नाराजगी है. स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है.
रात में जयनगर सीएचसी में नहीं मिले डॉक्टर, मरीज को हुई परेशानी
आरोप: अस्पताल में न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही मरीजों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया
