केबल टीवी के जरिये पढ़ेंगे सरकारी स्कूल के बच्चे, शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को दिये कई निर्देश

झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो (Education Minister Jagarnath Mahto) ने कहा है कि लॉकडाउन (Lockdown) में सरकारी विद्यालयों (Government schools) में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बिना प्रभावित हुए कैसे अनवरत जारी रहे इसके लिए विभाग योजना तैयार कर रहा है. स्थानीय स्तर पर टीवी केबल के जरिये लॉकडाउन में ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था जैसे विकल्पों पर जोर दिया जायेगा, ताकि सभी बच्चों को घर बैठे शिक्षा मिल सके.

कोडरमा : झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो (Education Minister Jagarnath Mahto) ने कहा है कि लॉकडाउन (Lockdown) में सरकारी विद्यालयों (Government schools) में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बिना प्रभावित हुए कैसे अनवरत जारी रहे इसके लिए विभाग योजना तैयार कर रहा है. सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के कई अभिभावकों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर टीवी केबल के जरिये लॉकडाउन में ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था जैसे विकल्पों पर जोर दिया जायेगा, ताकि सभी बच्चों को घर बैठे शिक्षा मिल सके.

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि सरकार लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुए बच्चों की पढ़ाई की भरपाई के लिए लॉकडाउन के बाद स्कूलों के समय सारणी में बदलाव लाने का निर्णय लिया है. लॉकडाउन के बाद सुबह नौ से शाम चार बजे तक सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई होगी. मंत्री सोमवार को स्थानीय परिसदन में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.

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शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर किये गये लॉकडाउन से विद्यालय बंद हैं. ऐसे में पढ़ाई प्रभावित न हो इसको लेकर कई आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं. उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों को कहा कि जिस प्रकार छात्रों को मध्याह्न भोजन हेतु चावल उपलब्ध करवाया गया, उसी प्रकार एक सप्ताह के अंदर सभी छात्रों तक पुस्तकें भी उपलब्ध करवाएं. यही नहीं उन्होंने सभी बच्चों को अगले वर्ग में प्रोन्नति देने का निर्देश भी दिया.

उन्होंने कहा कि अधिकारी इस पर चिंतन करें कि आखिर क्या कारण है कि तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाने के बावजूद लोगों का आकर्षण प्राइवेट स्कूलों (Private schools) में ही होता है, जबकि उनसे बेहतर शिक्षक सरकारी विद्यालयों में हैं. उन्होंने इसके लिए अभिभावकों और शिक्षकों को प्रोत्साहित करने की भी बात कही.

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कोडरमा जिले में बंद किये गये 67 विद्यालयों में कितने विद्यालय खोलने लायक है, इसकी सूची विभाग को उपलब्ध करवाने तथा मध्य और उच्च विद्यालयों में कितने शिक्षकों का पद रिक्त है इसकी सूची की भी मांग की. मौके पर डीइओ शिव नारायण शाह, डीएसइ नवल किशोर, एडीपीओ देवेश कुमार, बीईईओ, बीपीओ के अलावा झामुमो जिलाध्यक्ष श्याम किशोर सिंह, गोपाल यादव, गंगा यादव, संतोष यादव, चंद्रदेव यादव, शशांक सिंह आदि मौजूद थे.

शनिवार को पूरी घंटी की होगी पढ़ाई

पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का सर्वांगीण विकास कैसे हो इस पर जिला स्तर के अधिकारियों से राय लेने का प्रयास किया जा रहा है. गिरिडीह में बैठक के बाद कोडरमा में भी अधिकारियों के साथ बैठक कर इस दिशा में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है. केबल के माध्यम से बच्चों की ऑनलाइन क्लास करवाने के लिए आवश्यक तैयारी करने का निर्देश दिया गया है. लॉकडाउन के बाद कक्षा संचालन का समय बढ़ाने के साथ ही शनिवार को हाफ समय की जगह पूरे समय तक पढ़ाई होगी.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करने के लिए वचनबद्ध है. पूर्व की सरकार ने क्या किया, यह मैं नहीं जानता हूं, लेकिन वर्तमान सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कैसे करे इस पर हमारा फोकस है. कई प्लान भी बना था, मगर कोरोना वायरस के कारण अभी सभी तरह के कार्य स्थगित हैं.

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एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोडरमा में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी की शिकायत की जानकारी, पारा शिक्षकों के नियुक्ति का मामला समेत विभिन्न बिन्दुओं पर सरकार का ध्यान है, मगर अभी वैश्विक महामारी से राज्य की जनता को बचाना सरकार का पहला कर्तव्य है. ऐसे में लॉकडाउन के बाद जब सारी चीजें सामान्य हो जायेंगी, तो इन समस्याओं का समाधान किया जायेगा.

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