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जलसा को संबोधित करते वक्ता.प्रतिनिधि
जयनगर. प्रखंड के रघुनियाडीह में उमराह के मौके पर जियारत-ए-हरमैन शरीफैन कॉन्फ्रेंस जलसा का आयोजन किया गया. यह जलसा मक्का और मदीना शरीफ की यात्रा पर जाने वाले खुशनसीब की रुख़सती के साथ-साथ समाज को इस्लामी तालीम, नैतिकता और आत्मसुधार का पैग़ाम देने के मकसद से आयोजित किया गया था. जलसे में इलाके के सैकड़ों लोगों ने शिरकत की, जिनमें बुज़ुर्ग, नौजवान, महिलाएं और बच्चे शामिल थे. जलसे की सदारत ताहिर हुसैन फैजी ने की. मुख्य वक्ता के रूप में शामिल मौलाना सैयद शाहाबत हुसैन जलसे को संबोधित करते हुए कहा कि यह उमराह की जियारत नसीब वालों को मिलती है, और अल्लाह जब अपने बंदे से राज़ी होता है, तभी उसे हरमैन शरीफैन की हाज़िरी का मौका मिलता है. ऐसे मुक़द्दस सफर से पहले यह जरूरी है कि हम खुद को भीतरी तौर पर पाक करें. उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया आज के बच्चों के लिए सबसे बड़ा नुकसान बनकर उभरा है. उन्होंने कहा कि इल्म (ज्ञान) ही इंसान को इंसान बनाता है, अगर हम अपने बच्चों को तालीम नहीं देंगे, तो वो ज़िन्दगी में न तो दीन समझ पायेंगे और न दुनिया, तालीम ही वो हथियार है जिससे न सिर्फ गरीबी मिटाई जा सकती है, बल्कि बुराई और जुल्म से भी लड़ा जा सकता है.
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