धरना के बाद राज्यपाल के नाम 11 सूत्री मांग पत्र उपायुक्त को सौंपा
कोडरमा बाजार. राजद जिला इकाई के तत्वावधान में नोटबंदी के खिलाफ समाहरणालय परिसर में एक दिवसीय धरना दिया. अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अनवारुल हक व संचालन चंद्रदेव यादव ने किया. मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि आठ नवंबर से हुए 500 और एक हजार की नोटबंदी से गरीब, किसान व मजदूर सबसे अधिक परेशान हुए है, कोई भी सरकार जब कोई फैसला करती है, तो उससे होने वाले लाभ और हानि के प्रति विचार-विमर्श करती है. लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा नोटबंदी का फैसला जल्दीबाजी में लिया गया फैसला है.
यहीं कारण है कि नोटबंदी लागू होने के बाद पीएम ने कई बार नियमों को बदला है. उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री कहते है कि इससे कालाधन पर अंकुश लगेगा व देश को लाभ होगा. प्रधानमंत्री जी कालाधन को लगाम लगाइए हम भी इसका समर्थन करते है मगर यह तो बतायें कि बैंकों में आमजनों की लंबी कतार लगा कर कौन से कालाधन को निकलना चाह रहे थे. सारा काम धंधा छोड़ कर बैंकों में केवल गरीब ही धक्के खाने को मजबूर है. कोई बीमारी का इलाज नहीं करवा पा रहा है, पैसे की किल्लत से शादी ब्याह तक रुके हुए हैं. मेहनत की कमाई से जमा राशि भी बैंकों से नहीं निकल रही है.
देश की जनता नोटबंदी से परेशान है. पूर्व मंत्री ने कहा कि भले ही देश की जनता को नोटबंदी की जानकारी नहीं दी गयी, मगर पीएम ने अपने खास लोगों को इसकी जानकारी दी, ताकि वे अपना कालाधन को सफेद कर सके. राज्य के सीएम रघुवर दास पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम ने राज्य को सबसे पहला कैशलेस राज्य बनाने का घोषणा की है, मैं उनसे कहना चाहती हूं की पहले राज्य में बुनियादी सुविधा बहाल करें.
कहीं ऐसा न हो की राज्य कैशलेस की जगह बेसलेस (आधारहीन) हो जाये. धरना को प्रदेश सचिव बीरेंद्र प्रसाद मेहता, उपाध्यक्ष राजकुमार यादव, जिला प्रवक्ता सुदर्शन यादव आदि ने भी संबोधित किया. धरना के बाद राज्यपाल के नाम 11 सूत्री मांग पत्र उपायुक्त को सौंपा गया. मौके पर जिप सदस्य राजकुमार यादव, कैलाश यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष कांति देवी, जयशंकर प्रसाद, मंसूर अंसारी, राजकुमार यादव, उमाशंकर यादव, लीलावती देवी, दीपक राणा, अरुण पासवान, रामवचन यादव, महेश प्रसाद यादव, मनोज कुमार रजक, राम बालक चौधरी, बासुदेव यादव, ईश्वर मोदी मौजूद थे.
