कोडरमा बाजार. विभिन्न मांगों को लेकर बीते सितंबर माह से हड़ताल पर डटे जिले के पारा शिक्षकों पर कार्रवाई होने जा रही है. डीसी संजीव कुमार बेसरा ने डीएसइ परबला खेस को ऐसे पारा शिक्षकों को चिह्नित करते हुए उन्हें चयन मुक्त कर सेवा समाप्त करने का निर्देश दिया है. डीसी के निर्देश पर डीएसइ ने इससे संबंधित एक पत्र सभी बीइइओ को जारी करते हुए हड़ताल में डटे पारा शिक्षकों को हटाने का निर्देश दिया है.
डीएसइ द्वारा बीइइओ को जारी निर्देश में कहा गया है कि करीब एक माह से अधिक अवधि तक अनधिकृत रूप से पारा शिक्षकों की हड़ताल पर चले जाने से स्कूलों में पठन-पाठन बाधित होने के कारण उन्हें विद्यालय लौटकर पठन-पाठन के लिए अनुरोध किया गया था. राज्य परियोजना द्वारा भी 25 अक्तूबर तक हड़ताल से वापस लौटने की तिथि निर्धारित की गयी थी. निर्धारित तिथि के अंदर हड़ताल से वापस नहीं लौटने पर सेवा समाप्त करने की बात कही गयी थी. इसके बावजूद हड़ताली पारा शिक्षक विद्यालयों में अपना योगदान नहीं दिये. जो स्वेच्छारिता, मनमानी रवैया व शैक्षणिक कार्य में बाधा डालने की मंशा दरशाती है. ऐसे में निर्धारित अवधि के अंदर हड़ताल से वापस नहीं लौटने वाले पारा शिक्षकों को चिह्नित करते हुए उनके खिलाफ चयन मुक्त की कार्रवाई की जाये.
जिले में 1859 पारा शिक्षक
जिले में पारा शिक्षकों की संख्या 1859 हैं. इसमें कोडरमा प्रखंड में 376, डोमचांच में 307, मरकच्चो में 307, जयनगर में 312, सतगावां में 319, चंदवारा में 238 पारा शिक्षक जिले के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत हैं, जबकि विद्यालयों की संख्या 740 हैं. इनमें से 391 विद्यालय पारा शिक्षकों की हड़ताल पर चले जाने से सबसे अधिक प्रभावित हैं. कुछ विद्यालय तो हड़ताल की वजह से बंद हैं.
55 पारा शिक्षककाम पर लौटे
डीएसइ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1859 में से 55 पारा शिक्षक विभिन्न विद्यालयों में पठन पाठन में लगे हुए हैं. इसमें से चार पारा शिक्षक ऐसे है, जो हड़ताल पर नहीं गये. जबकि 51 पारा शिक्षक हड़ताल से वापस लौट कर विद्यालयों में योगदान दिये हैं. इसमें कोडरमा प्रखंड में 11, डोमचांच में सात, मरकच्चो में तीन, जयनगर में नौ, सतगावां में एक चंदवारा प्रखंड के विद्यालयों में हड़ताल से वापस लौट कर योगदान देनेवाले पारा शिक्षकों की संख्या 24 हैं.
