कोडरमा. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार रमाकांत मिश्रा के मार्ग दर्शन में व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को मासिक लोक अदालत का आयोजन किया गया. इस दौरान प्रधान जिला जज ने कहा कि आज के वर्तमान परिवेश में लोक अदालत किसी परिचय की मोहताज नहीं है, यही कारण है कि इसकी लोकप्रियता दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है. उन्होंने कहा कि लोक अदालत में दिये गये फैसले में दोनों पक्षों की जीत होती है, तथा यह फैसला दोनों पक्षों को संतुष्ट करता है. लोक अदालत का निर्णय अंतिम निर्णय होता है. इस लोक अदालत में कुल छह बेंचों का गठन किया गया. बेंच संख्या एक में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय अमितेश लाल व अधिवक्ता भुनेश्वर राणा, बेंच संख्या दो में जिला जज प्रथम गुलाम हैदर व अधिवक्ता अजय कुमार, बेंच संख्या तीन में ए.सी.जे.एम मनोरंजन कुमार व अधिवक्ता सुरेश कुमार, बेंच संख्या चार में अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी कंचन टोप्पो व अधिवक्ता संगीता रानी, बेंच संख्या पांच में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ज्योत्स्ना पाण्डेय व अधिवक्ता संजय कुमार सिंह एवं बेंच संख्या छह में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी नमिता मिंज व अधिवक्ता अंशु यामिनी ने मामले की सुनवाई की. लोक अदालत में छह बेंचो के माध्यम से छह वादों का निष्पादन किया गया एवं विभिन विभागों से एक लाख सात हज़ार छह सौ रुपये की वसूली की गयी. मौके पर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी शिवांगी प्रिया, विद्युत विभाग, उत्पाद विभाग के अधिकारी, न्यायालयकर्मी रणजीत कुमार सिंह, मूंगा लाल दास, राजेंद्र कुमार, मनोज मिश्रा, कुमार संजय, महेश्वर कुमार, राजीव कुमार, प्रियंका कुमारी, सुनील कुमार, रवि कुमार, संतोष कुमार, पी.एल.वी. रविन्द्र कुमार, पाण्डेय शेखर प्रसाद, मनोज कुमार आदि मौजूद थे.
मासिक लोक अदालत में 6 वादों का हुआ निष्पादन
मासिक लोक अदालत में 6 वादों का हुआ निष्पादन
