बचपन प्ले स्कूल में दशहरा का कार्यक्रम
कोडरमा : बचपन ए प्ले स्कूल में बुधवार को दशहरा का कार्यक्रम मनाया गया. इसका शुभारंभ मां दुर्गा की पूजा के साथ किया गया. डीसी संजीव बेसरा व उनकी पत्नी स्टेफी टेरेसा मुर्मु, किरण बाला, पुर्नवासु तिवारी, बचपन के डायरेक्टर अविनाश सेठ, बीएड कॉलेज की प्राचार्या डाॅ संजीता कुमारी, बचपन की प्राचार्या अल्पना तिवारी ने दीप जला कर कार्यक्रम की शुरुआत की. प्राचार्या ने सभी को नवरात्रि का महत्व बताया. वहीं नन्हें मुन्हें बच्चों द्वारा गीत संगीत व नृत्य प्रस्तुत किया गया. बच्चों को उनके पिछले वर्ष के परफॉर्मेंस के लिए सम्मानित किया गया. इसके बाद सभी ने मिलकर बुराई के प्रतीक रावण का दहन किया. मौके पर सभी माताओं ने डांडिया का लुफ्त उठाया. अंत में सभी माताओं ने क्वीज प्रतियोगिता में भाग लिया. कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिकाओं व ऑफिस स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा.
किड्जी में रावण वध कार्यक्रम : झुमरीतिलैया. विशुनपुर रोड में संचालित किड्जी स्कूल में बुधवार को रावण व महिषासुर वध कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मौके पर राम व दुर्गा की वेश में सजे बच्चों ने सबका मन मोह लिया. स्कूल की निदेशक ब्यूटी सिंह ने जीवन में पर्वों के महत्व की जानकारी दी. मौके पर अनन्य पलक, रुद्र, रुद्रांश, नैतिक, सिद्धार्थ, हर्षिता, अरवी, स्वीटी, सृष्टि सिन्हा, जयं पुस्कार, कनक सिंह, सायना, आयशा, खुशी लाब्या, हर्षदीप ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया. बाद में बच्चों की माताओं के बीच डांडिया प्रतियोगिता हुई. इसमें शिखा, रानी, प्रतिभा, सोनी देवी, तबस्सुम प्रवीण, राधा सिंह, नर्गिस नाज, निधि सिन्हा समेत कई लोग शामिल थे.
झुमरीतिलैया : शेमरॉक गुरुकुल में बुधवार को दुर्गापूजा सह डांडिया महोत्सव का आयोजन किया गया. इसमें बच्चों ने डांडिया प्रस्तुत किया. मौके पर प्रिंसिपल रश्मि प्रवीण वर्णवाल ने कहा कि हम दुर्गापूजा इसलिए मानते है, क्यों की इस दिन बुराई पर अच्छाई की जीत हुई थी. दुर्गापूजा को नवरात्र इसलिए भी बोला जाता है क्योंकि दुर्गा मां ने नौ दिन महिषासुर के साथ युद्ध करने के बाद उसका वध किया था. मौके पर किंजल, रिधिमा, अमृत, स्वयं, कौशिक का जन्मदिन भी मनाया गया. गुजराती गाने पे मग्न होकर झूमे और डांडिया का पूरा लुप्त उठाया.
ढोल नगाड़ा व डीजे की धुन पर बच्चो ने लुत्फ उठाया. डांडिया के उपरांत स्कूल के डायरेक्टर प्रवीण कुमार वर्णवाल ने रावण दहन किया और बच्चों को बताया कि रावण लंका के राजा थे उनके 10 सिर थे. रावण का वध भगवान श्रीराम ने किया था. कार्यक्रम को सफल बनाने में सुलगना, आराधना, जूही, रानी, सुरभि व वर्षा ने अहम भूमिका निभायी. मौके पर दिव्यांशी, रिधिमा, शैशव, अनुप्रिया, स्वयं, वंश, तनिश, सूरज माही मौजूद थे.
