रांची से पहुंची एनडीआरएफ की टीम दिनभर लगी रही, पर नहीं मिला शव
शुक्रवार को फिर शुरू होगा छात्रों को खोजने का अभियान
झुमरीतिलैया : थाना क्षेत्र के गझंडी पंचायत के जरगा से आठ किलोमीटर दूर जंगली क्षेत्र में स्थित वृंदाहा वाटर फॉल में मंगलवार की शाम डूबे तिलैया के दो छात्रों का 48 घंटे बाद भी पता नहीं चल पाया है. दोनों के शव की तलाश में दिनभर खोज अभियान चलता रहा, पर सफलता नहीं मिली.
छात्रों को खोजने के लिए रांची से एनडीआरएफ की 14 सदस्यीय टीम यहां पहुंची. टीम ने करीब सात घंटे तक दोनों को खोजने का प्रयास किया, पर सफलता हाथ नहीं लगी. ज्ञात हो कि ताराटांड़ निवासी 15 वर्षीय रोहित कुमार (पिता- गोपाल साव) व बादल कुमार (पिता- स्व मनोज यादव), निवासी इंदरवा बस्ती वार्ड नंबर चार अपने एक अन्य दोस्त गौरव कुमार (पिता- जितेंद्र राय) निवासी मिटको कॉलोनी के साथ वृंदाहा वाटर फॉल में नहाने गये थे.
यहां रोहित व बादल ने एक साथ नहाने के लिए छलांग लगायी थी, पर इसके बाद दोनों बाहर नहीं निकले. बचे गौरव ने यह बयान दिया, तो पुलिस भी पहुंची. स्थानीय लोगों ने खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला. ऐसे में जिला पुलिस प्रशासन के अनुरोध पर शुक्रवार को एनडीआरएफ की टीम रांची से यहां पहुंची. टीम में इंस्पेक्टर प्रकाश यादव, सब इंस्पेक्टर रवि रंजन के अलावा जवान सत्यनारायण उरांव, लंबोदर, जनकू, अनिल, अमित, विकास, तानाजी, दशरथ, राजेश, मनोज, आनंद, राजीव लिंगा आदि शामिल हैं.
उन्होंने दोनों के शव को खोजने का पूरा प्रयास किया. कई बार नीचे गोता लगाया गया, देर शाम तक शव नहीं मिलने पर खोज अभियान रोक दिया गया. शुक्रवार को एक बार फिर बच्चों को खोजने प्रयास किया जायेगा. इधर, घटनास्थल पर एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार, एएसपी मणि लाल मंडल, एसी प्रवीण कुमार गागराई, एलआरडीसी लियाकत अली, बाजार समिति के सचिव अभिषेक आनंद, थाना प्रभारी राजवल्लभ पासवान भी पहुंचे.
घटनास्थल दुर्गम पहाड़ी इलाका होने के कारण एसडीओ व अन्य अधिकारी शक्तिमान से यहां पहुंचे. अधिकारियों के साथ ही शहर के कई नेता व गणमान्य लोग भी मौके पर पहुंचे हुए थे. इनमें नगर पर्षद के उपाध्यक्ष संतोष कुमार, पूर्व अध्यक्ष उमेश सिंह, रमेश हर्षधर, छोटे सरकार, जरगा मुखिया शीला देवी व अन्य शामिल हैं. इसके अलावा बच्चों के परिजन व भारी संख्या में आसपास के लोग भी पहुंचे हुए थे. इधर, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है.
कहीं कोई और बात तो नहीं !
जलप्रपात में डूबने की बात दोनों ही छात्रों के दोस्त गौरव ने बतायी. हालांकि घटनास्थल की तस्वीर देख पूरी तरह नहीं लगता है कि इस तरह की घटना यहां अचानक हुई है. शहर में इस संबंध में कई तरह की चर्चा हो रही है. इस संबंध में एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर प्रकाश यादव ने बताया कि जिस तरह से छानबीन की गयी, उससे प्रतीत होता है कि यहां बच्चों का शव नहीं है. बावजूद इसके एक बार फिर शुक्रवार को बच्चों को खोजने का प्रयास किया जायेगा.
