चार फरार
कोडरमा बाजार
थाना क्षेत्र अंतर्गत चाराडीह स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में बीती रात चौथी बार बैंक लूटने के इरादे से घुसे दो अपराधियों को कोडरमा पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से हथियार समेत गिरफ्तार कर लिया. वहीं चार अपराधी फरार होने में सफल रहें. पकड़े गये अपराधियों में सिंटू कुमार मेहता (पिता- लखन लाल मेहता), शिवसागर डोमचांच और रजनीश राम (पिता- मनोज राम), गोसाई टोला, डोमचांच के रूप में शिनाख्त हुई है.
सिंटू के पास से पुलिस ने मोबाइल, ताला, दरवाजा काटने वाला औजार, आरी हैंडिल बरामद किया है. रजनीश राम के पास से एक लोडेड देसी पिस्तौल (315 की एक गोली समेत) मोटरसाइकिल डब्लूबी-07डी-0326 जब्त किया गया. सोमवार को थाना में प्रेसवार्ता आयोजित कर घटना की जानकारी देते हुए एसपी जी क्रांति कुमार ने कहा कि बीती रात करीब 11 बजे पीसीआर वैन से पुलिस गश्ती दल जब चाराडीह के समीप पहुंची, तो बैंक के बाहर दो लड़के खड़े थे.
जो पुलिस को देख फरार हो गये. शक होने पर पुलिस गश्ती दल के पदाधिकारी और पुलिस कर्मी बैंक की खिड़की से झांके, तो एक अपराधी को मुंह में कपड़ा ढके बैंक के छत पर बैठा पाया. तुरंत इसकी सूचना थाना प्रभारी को देते हुए पुलिस ने बैंक को चारों ओर से घेर लिया और इसकी सूचना बैंक के शाखा प्रबंधक को दी गयी. बैंक कैशियर से ताला खुलवाने पर बैंक के अंदर से एक अपराधी व छत से दूसरे अपराधी को ग्रामीणों के सहयोग से गिरफ्तार किया. एसपी ने बताया कि उक्त घटना में छह अपराधी शामिल थे.
चार लोग बैंक के बाहर रह कर पहरेदारी कर रहे थे. जबकि रजनीश राम के सहयोग से सिंटू मेहता बैंक के पीछे स्थित वेंटिलेशन के सहारे बैंक में प्रवेश किया था. उन्होंने बताया कि पकड़े गये दोनों अपराधी पूछताछ में फरार लोगों का नाम बताया है. घटना में पकड़े गये दोनों के अलावा पवन मेहता (पिता- देव नारायण मेहता) महेशपुर डोमचांच, सुदामा उर्फ अजय मेहता (पिता- अरुण मेहता), शिवसागर, राजेश व छोटू (दोनों जहानाबाद, बिहार) शामिल थे. एसपी ने बताया कि चूंकि बैंक का पिछला हिस्सा सुनसान और मिट्टी व ईंट की बनी हुई है.
संभावना है कि इस कारण उक्त बैंक को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है. बैंक के पदाधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा गया है. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों अपराधी बैंक के पिछले हिस्से में बन रहे अतिरिक्त दीवार के सहारे वेंटिलेशन से प्रवेश किये थे. प्रेस वार्ता में एसडीपीओ चंदेश्वर प्रसाद, थाना प्रभारी आनंद मोहन सिंह, एसआइ सुनील सिंह मौजूद थे.
तीसरी कोशिश के उदभेदन के 24 घंटे बाद ही हो गयी चौथी कोशिश
हर जुबान में एक ही सवाल है,आखिर चाराडीह बैंक ही क्यों. बड़े ताज्जुब की बात है कि एक तरफ पुलिस उक्त बैंक के तीसरे असफल लूटपाट मामले का उद्भेदन करती है. वहीं उद्भेदन के 24 घंटे के अंदर उक्त बैंक में चौथी बार इस तरह के घटना को अंजाम दिया जाता है.
हालांकि पुलिस की सक्रियता से इस बार भी अपराधियों के मंसूबे पूरे नहीं हो पाये, बहरहाल यह बात चर्चा का विषय बन गया है. हर कोई के जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर अपराधी बैंक लूटने के लिए चाराडीह के बैंक को ही क्यों निशाना बनाते है. ज्ञात हो की बीती 20-21 अगस्त 2016 को उक्त बैंक में हुए असफल लूट मामले में शामिल गिरोह के चालक जुगनू शेख (पिता- खालिक शेख) को पुलिस ने बीते रविवार को ही राजमहल से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. उक्त मामले में पकड़े गये जुगनू शेख ने अपनी संलिप्ता स्वीकार करते हुए घटना के मुख्य सरगना राजमहल के आलमगीर शेख और समशुल दोनों राजमहल को बताया था. उक्त घटना में करीब दर्जन भर लोगों के शामिल होने की बात भी कही थी.
चाराडीह स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में लूटपाट के असफल प्रयास की घटना पहली नहीं है, बल्कि इसके पूर्व भी तीन बार उक्त बैंक में इस तरह की घटना घट चुकी है. हालांकि बैंक का सौभाग्य है कि चारों बार लूटने से बची है. पहली बार चार मई 2015, दूसरी बार 21 जून 2015 और तीसरी घटना 20-21 अगस्त 2016 को घटी थी. हालांकि चारों मामले में अपराधियों के मंसूबे सफल नहीं हो पाये.
