विरोध के बाद फिर लटका मामला

गोशाला की जमीन खाली नहीं करा पाया प्रशासन नया बस स्टैंड के पास गोशाला परिसर के भवन को तोड़ने की थी तैयारी झुमरीतिलैया : शहर के नया बस स्टैंड के पास स्थित कोडरमा गोशाला समिति के जर्जर भवन को खाली कर तोड़ने की तैयारी एक बार फिर धरी की धरी रह गयी. शुक्रवार को जिला […]

गोशाला की जमीन खाली नहीं करा पाया प्रशासन
नया बस स्टैंड के पास गोशाला परिसर के भवन को तोड़ने की थी तैयारी
झुमरीतिलैया : शहर के नया बस स्टैंड के पास स्थित कोडरमा गोशाला समिति के जर्जर भवन को खाली कर तोड़ने की तैयारी एक बार फिर धरी की धरी रह गयी. शुक्रवार को जिला प्रशासन के आदेश पर पदाधिकारी व भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे, पर घंटो तनाव की स्थिति के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई. सुबह 10.30 बजे ही कोडरमा बीडीओ मिथलेश कुमार चौधरी, बाजार समिति के सचिव अभिषेक आनंद, तिलैया थाना प्रभारी राजवल्लभ पासवान मौके पर पहुंचे.
पुलिस प्रशासन जर्जर भवन को तोड़ने के लिए जेसीबी साथ लेकर पहुंचा था. पर परिसर में पहले से रह रहे किरायेदारों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया. लोगों का कहना था कि गोशाला समिति जिला प्रशासन को झांसे में रख कर इस तरह की कार्रवाई कराने में जुटी है.
लोग मांग कर रहे थे कि गोशाला समिति का परिसर खाली होने के बाद जो मार्केट कांप्लेक्स बनने की तैयारी है. उसमें सबसे पहले हम किरायेदारों को जगह मिलनी चाहिए. इसके लिए समिति पूर्व में ही एकरारनामा करें और वर्तमान में जहां व्यावसायिक प्रतिष्ठान चल रहे हैं, उसी जगह पर हमें जगह मिलनी चाहिए. लोगों की इस मांग पर गोशाला समिति के पदाधिकारियों ने अपनी परेशानी बतायी.
गोशाला समिति के अध्यक्ष सुरेश जैन के अलावा रामरतन महर्षि, गणेश स्वर्णकार आदि का कहना था कि जिस तरह लोग मार्केट कांप्लेक्स बनने से पूर्व एकरारनामा करने की बात कर रहे है, वह संभव नहीं है. उन्होंने किरायेदारों को बाद में किराये पर जगह देने की बात की. साथ ही वर्तमान में अगर किसी को रहने के लिए जगह नहीं है, तो समिति के लोगों ने इसके लिए यदुटांड़ स्थित जमीन पर अस्थायी तौर पर रहने देने की बात कही. इस बात पर किरायेदार तैयार नहीं हुए और घंटों चली जिद के बाद भी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ.
गोशाला परिसर के आसपास सुबह से लेकर दोपहर के दो बजे से छावनी जैसा नजारा बना रहा. लोग विरोध की पूरी तैयारी के साथ डटे थे, तो प्रशासन भी तैयारी के साथ आने के बावजूद बाद में बैकफुट पर नजर आया. अंत में तय हुआ कि इस मामले को लेकर शाम चार बजे एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार के कार्यालय में बैठक कर इसका हल निकाला जायेगा.
हालांकि देर शाम तक यह बैठक जारी थी और कोई निर्णय नहीं लिया जा सका था. मौके पर पूर्व जिप अध्यक्ष महेश राय, कैप्टन आनंद, मनीष चौधरी, बीरेंद्र सिंह, प्रभाकर तिवारी के अलावा गोशाला समिति के सुरेश जैन, गणेश स्वर्णकार, मुरारी बड़गवे, रामरतन महर्षि मौजूद थे. कुछ माह पूर्व गोशाला समिति के इस परिसर को प्रशासन ने खाली कराते हुए सील करने का दावा किया था. इसके बावजूद लोग यहां रह रहे है.
किरायेदारों ने कहा, दोहरी नीति अपना रही है समिति
गोशाला परिसर में बने भवन के किरायेदारों ने सुबह में प्रेस कांफ्रेंस की. सुभाष चंद्र झा, बीरेंद्र प्रसाद सिंह, अमर राय, रोहित सिंह व अन्य ने कहा कि इस भवन को ध्वस्त कर पुनर्निर्माण कर किरायेदारों को बसाने का निर्णय था. जबकि इसके विपरीत काम किया जा रहा है.
गोशाला समिति उच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत काम कर रही है. गोशाला समिति एक तरफ हमें अवैध कब्जाधारी बताती है, दूसरी तरफ 23 जून 2016 को हम लोगों से दिसंबर तक किराया ले चुकी है. समिति हमलोगों के साथ दोहरी नीति अपना रही है. हम चाहते हैं कि जिला प्रशासन उच्च न्यायालय के निर्णय का पालन करें. लोगों ने एक पत्र मुख्यमंत्री को भी लिखा है. मौके पर समर राय, अरविंद सिंह, चंदन पांडेय, दीपक आदि मौजूद थे.

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