एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के विरोध में सर्राफा व्यवसायियों ने बंद रखीं दुकानें
केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों को लेकर जिले में तीन अलग-अलग मामलों में सरकार के खिलाफ रोषपूर्ण प्रदर्शन दिखा. एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी बढ़ाये जाने के खिलाफ सर्राफा व्यवसायियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर विरोध जताया, वहीं दूसरी ओर बैंक के निजीकरण की साजिश का आरोप लगाते हुए आइडीबीआइ बैंक कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकरकाम किया.
कोडरमा : केंद्र सरकार की ओर से स्वर्ण आभूषणों पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी बढ़ाये जाने के विरोध में शुक्रवार को झुमरीतिलैया शहर की सभी सोने-चांदी की दुकानें बंद रहीं. सर्राफा व्यवसायियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद रख सरकार के प्रति विरोध जताया. सर्राफा व्यवसायी संघ कोडरममा के बैनर तले व्यवसायियों ने बाजार में भ्रमण कर अपना रोष जाहिर किया. बाद में उपायुक्त संजीव कुमार बेसरा को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा. सर्राफा व्यवसायी संघ के अध्यक्ष नरेंद्र प्रकाश आर्य ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्वर्ण आभूषणों पर एक प्रतिशत अतिरिक्त कर लगा दिया गया है.
इससे इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही इससे छोटे-बड़े सभी व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. हमने देशव्यापी बंदी के समर्थन में अपनी प्रतिष्ठानें बंद रख विरोध किया है. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इस एक्साइज ड्यूटी लगाने के फैसले को वापस नहीं लेती है, व्यवसायियों का आंदोलन व विरोध जारी रहेगा. सोना-चांदी की दुकानें बंद रहने से लाखों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है.
विरोध प्रदर्शन करने वालों में संघ के सचिव नवल किशोर प्रसाद, उपाध्यक्ष अनिल वर्मा, कोषाध्यक्ष अशोक प्रसाद, सह सचिव राज कुमार वर्णवाल, सदस्य शंकर कुमार सेठ, संजय कुमार, रवि कुमार, नीरज कुमार, अजीत कुमार, अवधेश सेठ, दीपक वर्मा, रौशन सेठ, धर्मेंद्र वर्मा, पंकज मोदी, सोनू कुमार वर्मा, महेश सोनी, नीरज कुमार सोनी, राकेश वर्मा, भीम प्रसाद भदानी, गोपाल कुमार वर्मा, विजय, संजय, इंद्रदेव आदि शामिल थे.
