कोडरमा बाजार : झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका संघ (सीटू) के नेतृत्व मे छह माह से बकाये पोषाहार व मानदेय की मांग को लेकर सेविका-सहायिकाओं ने जिला मुख्यालय में समक्ष प्रदर्शन किया. इसके पूर्व जिलाध्यक्ष मीरा देवी व सचिव पूर्णिमा राय के नेतृत्व मे कोडरमा बाजार से जुलूस निकाला गया,
जो समाहरणालय पहुंच कर प्रदर्शन में तब्दील हो गया. जुलूस में सेविकाओं का शोषण बंद करो, बकाया पोषाहार व मानदेय देना होगा, सेविका-सहायिका को स्थायी करना होगा आदि नारे लगाये गये. इसके बाद शकुंतला मेहता की अध्यक्षता मे सभा हुई. संचालन सरिता रानी व ज्योति अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया.
सभा को सीटू राज्य कमेटी सदस्य व आंगनबाड़ी संघ के राज्य संयोजक संजय पासवान, कर्मचारी महासंघ के जिला सचिव शशि पांडेय, दिनेश रविदास, यशोदा देवी, लीला कुमारी, उर्मिला देवी, चिंतामणि देवी, सुनिता देवी, शोभा देवी आदि सेविकाओं ने संबोधित किया. सभा में सीटू नेता संजय पासवान ने कहा कि देश से कुपोषण मिटाने में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका मुख्य भूमिका निभा रही है. वहीं केंद्र की मोदी सरकार इस योजना को समाप्त कर निजीकरण की साजिश कर रही है. दूसरी तरफ झारखंड सरकार कम मानदेय पर काम करा उनका शोषण कर रही है. एक वर्ष पूर्व विधानसभा में मंत्री लुइस मरांडी ने 700 रुपये मानदेय बढ़ाने की घोषणा की, जो आज तक लागू नहीं हुआ. उन्होंने सेविकाओं को आगे और कठिन लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए 15 फरवरी को संसद पर प्रदर्शन मे शामिल होने की अपील की.
बाद में 18 सूत्री केंद्रीय व स्थानीय मांगों से संबंधित ज्ञापन के साथ संघ का 11 सदस्यीय शिष्टमंडल उपायुक्त से मिल और वार्ता की. उपायुक्त ने दो दिनों के अंदर विभागीय पदाधिकारियों के साथ आंगनबाड़ी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कराकर समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया. मौके पर सरिता कुमारी,ममता सिंह, प्रभा देवी, रेखा कुमारी, रीता देवी, संगीता देवी, गीता देवी, शशि देवी, बबीता देवी, गीता देवी, पूनम देवी, तरन्नुम हाशमी, देवंती देवी, संध्या देवी आदि मौजूद थे.
संघ की मांगें: छह माह से बकाया पोषाहार व मानदेय की राशि का भुगतान अविलंब करने, एससी/एसटी केंद्रों का वर्ष 2011-12 का बकाया पांच माह का पोषाहार राशि का भुगतान करने, सेविका-सहायिका को क्रमश: 15 हजार व 10 हजार मानदेय देने, रेडी-ट-इट पैकेट व बीपीएल चावल केंद्रों तक पहुंचाने, पिछले वर्ष केंद्रीय बजट मे की गयी 55 प्रतिशत की कटौती को नये बजट मे वापस लाने, राज्य सरकार द्वारा बढ़ाया गया मानदेय अविलंब लागू करने, स्कूलों की तरह आंगनबाड़ी बच्चों को भी अंडा, फल व स्कूल ड्रेस देने समेत कई मांगे शामिल हैं.
