आलीशान मकान का मालिक निकला सहायक

कोडरमा : जिले में जड़ जमा चुका भ्रष्टाचार अब खुल कर सामने आने लगा है़ गुरुवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो निगरानी की टीम ने कार्रवाई की़ इसके लपेटे में कई अधिकारी व कर्मी के आने की संभावना है. निगरानी की टीम जब सुंदर नगर स्थित सहायक सह नाजिर नवलेश कुमार के घर पहुंची, तो हैरान […]

कोडरमा : जिले में जड़ जमा चुका भ्रष्टाचार अब खुल कर सामने आने लगा है़ गुरुवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो निगरानी की टीम ने कार्रवाई की़ इसके लपेटे में कई अधिकारी व कर्मी के आने की संभावना है. निगरानी की टीम जब सुंदर नगर स्थित सहायक सह नाजिर नवलेश कुमार के घर पहुंची, तो हैरान रह गयी़ नवलेश आलीशान मकान का मालिक निकला़
पिछले कुछ माह से कोडरमा की प्रशासनिक छवि यूं ही धूमिल हो रही है़ वर्ष 2015 में सतगावां सीओ रिश्वत लेते पकड़ाये़ इसके बाद माप तौल निरीक्षक तिलैया में रिश्वत लेते पकड़े गये़ दिसंबर में मरकच्चो डाक बंगला परिसर में पेड़ काटे जाने के मामले में सीओ, डीसी के अंगरक्षक व थाना के कंप्यूटर आॅपरेटर पर मामला दर्ज हुआ़
इस मामले में डीसी छवि रंजन व डीडीसी केके ठाकुर बदले गये़ अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि जिले में भ्रष्टाचार का एक और बड़ा मामला सामने आ गया है़ सूत्र बताते हैं कि जिला भूअर्जन कार्यालय में उच्च अधिकारियों की शह के बिना इस तरह की कमीश्नखोरी संभव ही नहीं है़ निगरानी ने भले ही सहायक सह नाजिर नवलेश कुमार को हिरासत में लिया है, लेकिन जिस तरह कमीशन की राशि करोड़ों में बतायी जा रही है, उससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि इसमें कुछ अन्य अधिकारियों की मिलीभगत जरूर होगी़ निगरानी की टीम ने पहले सहायक को पकड़ा और कार्यालय तथा आवास में घंटों जांच के बाद टीम दोबारा
समाहरणालय पहुंची़ यहां जिला भूअर्जन पदाधिकारी शारदा नंद देव से भी पूछताछ की़ डीएलओ के सरकारी आवास भी निगरानी की टीम गयी और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया़
बताया जाता है कि नवलेश कई वर्षों से कोडरमा में पदस्थापित है और पिछले करीब सात माह से भूअर्जन कार्यालय में उसकी नियुक्ति थी़ जिस मकान में वह रह रहा है, पहले उसमें वह किराये पर रहने आया था़ बाद में उसने उस मकान को ही खरीद लिया़ इन दिनों जब पकड़े जाने की भनक लगी, तो उसका तबादला भी अन्य जगह पर कर दिया गया़ हालांकि पदभार देने से पहले ही निगरानी ने उसे पकड़ लिया़ वहीं जानकारी यह भी सामने आ रही है कि भूअर्जन कार्यालय में भ्रष्टाचार इन दिनों चरम पर है़
यहां तैनात चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी कार्यालय चलाते हैं और पैसे की डील करते हैं.
आवास पर ही खुल जाता था लाभुकों का खाता! : सूत्र यह भी बताते हैं कि निगरानी की टीम ने जब सहायक नवलेश कुमार के यहां छापा मारा, तो यहां कंप्यूटर, प्रिंटर से लेकर अन्य मशीन भी मिली़ एक तरह से सहायक अपने घर पर ही छोटा मोटा काम निबटा लेता था़ यही नहीं जमीन अधिग्रहण से संबंधित लाभुकों का खाता भी वह अपने आवास पर ही खोल देता था़ पैसा निकासी के कई फाॅर्म भी यहां मिले़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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