कोडरमा : जिले के पुलिस महकमा के लिए वर्ष 2015 चुनौती भरा रहा. आपराधिक मामलों में कोई कमी नहीं आयी. हालांकि पुलिस को कुछ मामलों का खुलासा करने में सफलता भी मिली. साल की शुरुआत में नक्सली व उग्रवादी गतिविधियों ने पुलिस को परेशान किया. चंदवारा थाना क्षेत्र के बेंदी में टीपीसी द्वारा ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई मामले ने प्रशासन को झकझोर कर रख दिया था.
उस समय क्षेत्र की आइजी भी यहां पहुंचीं अौर पुलिस पदाधिकारी की क्लास लगायी. बाद में पुलिस ने टीपीसी के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार भी किया. साल के अंत में बड़ी आपराधिक घटनाएं हुई. जयनगर में मनिहारी का सामान बेचकर लौट रहे व्यक्ति की हत्या कर दी गयी. कोडरमा के महावीर मोहल्ला निवासी महिला की भी निर्मम तरीके से हत्या कर दी गयी. कुछ थाना क्षेत्र में लावारिस शव मिले, लेकिन इनकी पहचान नहीं हो सकी.
2015 में जिले में हत्या की कुल 21, डकैती की दो, उच्च पथ डकैती की पांच, लूट की एक, उच्च पथ लूट की आठ घटना हुई. इसके अलावा फिरौती के लिए एक अपहरण की घटना दर्ज हुई. गृहभेदन की 27 व चोरी की 140 घटना जिले भर के विभिन्न थानों में दर्ज की गयी. 20 दिसंबर तक कुल 1424 आपराधिक मामले दर्ज किये गये हैं.
