कोडरमा जिले में ब्लू स्टोन के अवैध खनन को रोकने के लिए सरकार का सख्त आदेश
कोडरमा : वन प्राणी आश्रयणी क्षेत्र में वर्षों से हो रहे कीमती पत्थर ब्लू स्टोन का अवैध उत्खनन अब प्रशासन के लिए गले की फांस बन गया है. कुछ माह पूर्व प्रभात खबर के खुलासे के बाद कोडरमा से जुड़े अवैध खनन का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में जाने के बाद यह मुद्दा मुख्यमंत्री जनसंवाद में भी पहुंचा़ इस पर कार्रवाई को लेकर अब प्रशासनिक स्तर से व्यापक तैयारी की जा रही है.
अगर सब कुछ तय रणनीति के तहत हुआ, तो लोकाई व इंदरवा के आस-पास हो रहे ब्लू स्टोन के अवैध खनन की बात पुरानी हो जायेगी. राज्य सरकार के सख्त आदेश के बाद अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई से पहले स्थानीय लोगों को समझाने बुझाने का प्रयास हो रहा है.
जिला प्रशासन की ओर से 17 दिसंबर को अवैध खनन रोकने के लिए पहले स्थानीय स्तर पर बैठक करने को कहा गया है. संबंधित रेंज आॅफिसर, सीओ व थाना प्रभारी ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे और अवैध खनन के कार्य को छोड़ सरकारी योजनाओं से जुड़ कर इसका लाभ लेने को प्रेरित करेंगे. वन विभाग भी अवैध खनन से जुड़े लोगों को कार्रवाई से पहले यह काम छोड़ने की अपील करेगा. इसको लेकर प्रचार-प्रसार होगा.
डोजरिंग कर भरे जायेंगे खदान : डीएफओ एमके सिंह ने बताया कि 20 दिसंबर से पहले ब्लू स्टोन में लगी मशीन व अन्य सामान को हटाने के लिए प्रचार प्रसार किया जायेगा. अवैध खनन रोकने की अपील की जायेगी. अगर इसके बाद भी अवैध खनन नहीं रुका, तो 20 दिसंबर से कार्रवाई शुरू होगी.
गहरी खदानों को डोजरिंग कर भरा जायेगा. कार्रवाई के दौरान परेशानी न हो, इसके लिए हजारीबाग प्रमंडल के अंतर्गत पड़नेवाले सात वन्य आश्रयणी क्षेत्र के रेंज आफिसरों व कर्मियों को इस दिन यहीं पर ड्यूटी लगायी गयी है. वन विभाग ने इससे संबंधित पत्र भी जारी कर दिया है.
एसीएफ करेंगे नेतृत्व : हजारीबाग प्रमंडल के लावालौंग, चतरा वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र, हजारीबाग वन प्राणी आश्रयणी, पारसनाथ वन प्राणी आश्रयणी, तोपचांची वन प्राणी आश्रयणी, उद्यवा बर्ड सेंक्चुरी, गौतम बुद्धा चतरा व अन्य वन प्राणी आश्रयणी क्षेत्र के रेंज आॅफिसर, फाॅरेस्टर व कर्मी 20 दिसंबर को कोडरमा में रहेंगे.
सभी लोकाई इंदरवा में संचालित ब्लू स्टोन के अवैध खनन को रोकने वाली टीम में शामिल रहेंगे. टीम का नेतृत्व वन्य प्राणी आश्रयणी के एसीएफ लालदेव चौधरी करेंगे. वन विभाग व टयूटोरियल के भी अधिकारी शामिल रहेंगे. इसका नेतृत्व एसीएफ बीबी सिन्हा करेंगे. वन कर्मियों के अलावा करीब 200 पुलिस कर्मियों की टीम रहेगी. प्रशासनिक अधिकारी भी साथ रहेंगे.
