कोडरमा बाजार. उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत रविवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गयी. जिले के 401 केंद्रों पर कुल 5,409 नवसाक्षरों ने परीक्षा दी. परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के माध्यम से किया गया.
इस परीक्षा का उद्देश्य स्कूली शिक्षा से वंचित रह गये वयस्कों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान से जोड़ना है. परीक्षा में सफल नवसाक्षरों को एनआईओएस, नई दिल्ली की ओर से प्रमाण पत्र दिया जायेगा.
जयनगर में 1,005 और कोडरमा में 2,970 ने दी परीक्षा
प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार सतगावां के 48 केंद्रों पर 1,088, मरकच्चो के 101 केंद्रों पर 1,048, डोमचांच के 30 केंद्रों पर 487, जयनगर के 56 केंद्रों पर 1,005, कोडरमा के 136 केंद्रों पर 2,970 तथा चंदवारा के 48 केंद्रों पर 404 नवसाक्षर परीक्षा में शामिल हुए.
उपायुक्त की पहल पर मंडल कारा कोडरमा में भी उल्लास केंद्र संचालित है. यहां 20 बंदी नवसाक्षरों ने मूल्यांकन परीक्षा दी.
लोचनपुर में महिलाओं ने उत्साह से दी परीक्षा
सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय लोचनपुर करमा बस्ती में भी मूल्यांकन परीक्षा आयोजित हुई. जिला शिक्षा अधीक्षक अजय कुमार ने आदर्श मध्य विद्यालय कोडरमा, कनीय मध्य विद्यालय, उत्क्रमित मध्य विद्यालय चेचाई, उत्क्रमित मध्य विद्यालय झुमरी और उत्क्रमित मध्य विद्यालय लोचनपुर का निरीक्षण कर परीक्षा का जायजा लिया.
लोचनपुर में ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों और निरक्षर महिलाओं ने उत्साह के साथ परीक्षा दी. परीक्षार्थियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और दैनिक जीवन में ज्ञान का इस्तेमाल करने का आत्मविश्वास मिल रहा है.
40 हजार से अधिक असाक्षर हो चुके हैं साक्षर
जानकारी के अनुसार वर्ष 2021-22 से अब तक जिले में 40 हजार से अधिक असाक्षरों को साक्षर कर मूल्यांकन परीक्षा में शामिल कराया जा चुका है. जिले को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के लिए शिक्षक, बीआरपी, सीआरपी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी और जिला स्तरीय पदाधिकारी प्रयासरत हैं.
मौके पर प्रधानाध्यापिका रेखा कुमारी, शिक्षिकाएं पूनम कुमारी, अनिता कुमारी, सुधा शर्मा आदि मौजूद थीं.
