डोमचांच. प्रखंड के सुदूरवर्ती गांव मसनोडीह के जियोरायडीह में उपायुक्त के निर्देश पर जंगल के किनारे बने दो डैम में जिला मत्स्य पदाधिकारी दीपांकर सीट व मत्स्य प्रसार पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने 20 किलो मछली का जीरा डाला. मछली डाले जाने से बिरहोर समुदाय उत्साहित हैं. मछली डालने के बाद बिरहोरों के साथ यातना विरोधी दिवस को लेकर बैठक की गयी. सुरेश बिरहोर ने कहा कि बदलाव के लिए सभी को कदम से कदम मिला कर चलने की जरूरत है. वहीं रामदयाल बिरहोर ने कहा कि गांव में शराब पर पाबंदी लगनी चाहिए. मानवाधिकार कार्यकर्ता ओंकार विश्वकर्मा ने कहा कि आज हमारा बिरहोर समुदाय भारत की जाती व्यवस्था के कारण पीछे रहा है. आज हम लोगों ने यहां के बच्चों को कंप्यूटर का ज्ञान दिया, तो आस-पड़ोस के बच्चे इनसे सीखने आते हैं. बैठक में आशीष कुमार, प्रदीप बिरहोर, विक्की बिरहोर, मनोज बिरहोर, मलिन बिरहोर, सुमा बिरहोरनी, इतवरिया बिरहोरनी, खुशबू बिरहोरनी, बेबी बिरहोरनी आदि थे.
जियोरायडीह में डाला गया मछली का जीरा
डोमचांच. प्रखंड के सुदूरवर्ती गांव मसनोडीह के जियोरायडीह में उपायुक्त के निर्देश पर जंगल के किनारे बने दो डैम में जिला मत्स्य पदाधिकारी दीपांकर सीट व मत्स्य प्रसार पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने 20 किलो मछली का जीरा डाला. मछली डाले जाने से बिरहोर समुदाय उत्साहित हैं. मछली डालने के बाद बिरहोरों के साथ यातना विरोधी […]
