अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह स्पेशल पोक्सो न्यायालय के न्यायाधीश ने सुनाया फैसला कोडरमा. नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म व जबरन शादी रचाने के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह स्पेशल पोक्सो न्यायालय के न्यायाधीश गुलाम हैदर की अदालत ने सोमवार को सजा सुनायी़ उन्होंने पोक्सो केस नंबर 15/25 के आरोपी बनवारी लाल (पिता बाबूलाल, निवासी पाल खंडा थाना घटोली झालावाड़, राजस्थान) को 6 पोक्सो एक्ट के तहत दोषी पाते हुए 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनायी. साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जुर्माना की राशि नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. इसके अलावा न्यायालय ने 4(2) पोक्सो एक्ट के तहत दोषी पाते हुए 20 साल सश्रम कारावास एवं 10 हजार का जुर्माना लगाया. जुर्माना की राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. अदालत ने 87 बीएनएस में सात साल व नन ऑफ चाइल्ड मैरिज एक्ट में दो वर्ष की सजा सुनायी और जुर्माना लगाया. सभी सजा साथ-साथ चलेंगी. जुर्माना की राशि पीड़िता को दी जायेगी. मामला वर्ष 2025 का है. इसे लेकर तिलैया थाना में नाबालिग की मां के आवेदन पर मामला दर्ज किया गया था. आवेदन में मां ने कहा था कि वह नाबालिग पुत्री के साथ गुरपा से तिलैया बाजार करने आयी थी. बेटी भूख लगने की बात कह कर कुछ खाने गयी, लेकिन वापस नहीं आयी. पुलिस ने बाद में उक्त नाबालिग लड़की को राजस्थान से बरामद किया था. लड़की ने अपने बयान में बताया था कि वह जब जा रही थी, तो कुछ लड़कों ने उसे कुछ सुंघा दिया और खींच कर एक कार में बैठा लिया, उसके बाद वह बेहोश हो गयी. जब होश आया, तो वह राजस्थान में एक कमरे में बंद थी. अदालत में मामला आने पर अभियोजन का संचालन लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने किया. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रकाश राम ने दलीलें पेश की. अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के उपरांत अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा मुकर्रर की.
नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल सश्रम कारावास
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह स्पेशल पोक्सो न्यायालय के न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
