कभी बिजली का अभाव तो कभी मोटर खराब
महीने में 15 दिन भरताहै टंकी, 15 दिन खाली
जयनगर : प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के तपिश के साथ ही पेयजल संकट गहराने लगा है. नदी व चेक डैम में धूल उड़ रही है. तालाब की जमीन में दरारे आ गयी है. चापानलों की स्थिति भी बेहतर नहीं. क्षेत्र के दर्जनों चापानल खराब पड़े हैं. वहीं कई चापानल ठप हो गये हैं. लोकसभा चुनाव में हर दल अपने वादों के साथ मैदान में है. मगर किसी भी दल के चुनावी मुद्दा में यह समस्या शामिल नहीं है. ग्रामीणों की माने तो इस समस्या के लिए विभाग सबसे ज्यादा जिम्मेदार है.
75 हजार गैलन क्षमताका बना है जलमीनार
प्रखंड के पहरीडीह में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा 75 हजार गैलन क्षमता की जलमीनार बनायी गयी है. यहां तक पानी पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर अक्तो नदी में इंटक वेल बनाया गया है. बावजूद इसके पानी के अभाव के कारण यह टंकी महीने में 15 दिन भर पाता है, जबकि 15 दिन खाली रहता है. जिसके कारण लोगों को एक दिन छोड़ कर एक दिन जलापूर्ति की जाती है. ऐसे में स्टैंड पोस्ट नलों पर पानी के इंतजार में लोगों की कतार लगी रहती है. अक्तो नदी में पानी का पूर्णत: अभाव हो गया है.
ऐसे में नियमित जलापूर्ति हो पाना संभव नहीं दिखता. उसपर से कभी बिजली नहीं है तो कभी मोटर खराब है कि स्थिति से विभाग जूझ रहा है. पुरानी मोटरों के भरोसे यहां जैसे तैसे कामचल रहा है.
बालू उत्खननसे बढ़ी समस्या
ग्रामीणों की माने तो अक्तो नदी से लगातार बालू की खुदाई व उठाव के कारण जलस्तर नीचे चला गया है, जिसके कारण इंटक वेल में भी पर्याप्त पानी का संग्रह नहीं हो पाता, जिसके कारण जलापूर्ति बाधित है. इस जलमीनार से जयनगर पूर्वी व पश्चिमी पंचायत के पहरीडीह, गोपालडीह, मोदी मुहल्ला, स्वर्णकार मुहल्ला, सांथ, तरवन, हरिजन मुहल्ला, पेठियाबागी, मस्जिद मुहल्ला के अलावे डंडाडीह व ककरचोली पंचायत के दर्जनों गांवों में जलापूर्ति की व्यवस्था की गयी है.
मगर जलापूर्ति सुचारु नहीं है. पहले यहां कई ऐसे भी वार्ड है जहां पानी पहुंचता ही नहीं. यहां पहले 300 कनेक्शन था अब 1400 कनेक्शन धारी है. कनेक्शन तो बढ़ा मगर पानी लगातार घटता जा रहा है और समस्या बढ़ती जा रही है.
