कोडरमा : झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ (सीटू) की बैठक दीपा कुमारी की अध्यक्षता में सामाहरणालय परिसर में हुई. इसमें ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मोदी सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ और न्यूनतम 18 हजार वेतन के लिए 8- 9 जनवरी को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए रणनीति बनायी गयी.
साथ ही जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र को बंद रखने का संकल्प लिया. इसके लिए 24 दिसंबर को सेविका, सहायिका व पोषण सखी का एक दिवसीय कन्वेंशन करने एवं सभी प्रखंडों में परियोजना स्तरीय बैठक करने का प्रस्ताव लिया गया. साथ ही जिला प्रशासन से मांग किया गया कि कड़ाके की ठंढ़ को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन 10 बजे से किया जाये.
हालांकि विभाग ने 9 बजे का तय किया है. इस पर सेविकाओं ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि स्कूलों से भी छोटे बच्चे तीन वर्ष से ही आंगनबाड़ी केन्द्र में आते हैं, जिन्हें जल्दी ठंढ़ लग सकता है.
बैठक को संबोधित करते हुए सीटू राज्य कमेटी सदस्य संजय पासवान ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों का लगातार शोषण किया जा रहा है. एक सेविका को केंद्र संचालन के साथ बीएलओ का काम के अलावा तरह-तरह काम दिया जा रहा है और मानदेय भी नहीं बढ़ाया जा रहा है.
राज्य सरकार मानदेय बढ़ाने का वादा कर मुकर गयी है. जिसका जवाब आने वाले वाले लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में दिया जाएगा. जिले में पांच माह से पोषाहार बकाया है.
एसबीआइ कोडरमा की लापरवाही के चलते सेविका सहायिका का मानदेय भी अनियमित है. केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाये गये मानदेय जो अक्तूबर से लागू होना था, अब तक नहीं दिया गया है. केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार जुमलों की सरकार है.
जिसके खिलाफ संघर्ष ही एक मात्र रास्ता है. मौके पर सरस्वती देवी, संगीता देवी, दीपा, सुनीता पांडेय, सुषमा देवी, नाजरा परवीन, संजीता देवी, मीना देवी, आशा, शबाना कौशर, उषा देवी, सविता देवी, सीमा प्रवीण, संगीता सहित दर्जनों सेविका सहायिका और पोषण सखी उपस्थित थी.
