तोरपा के 14 पंचायतों में 50 एकड़ में बागवानी करने का लक्ष्य निर्धारित

बिरसा हरित ग्राम योजना को मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय कार्यशाला प्रखंड कार्यालय सभागार में की गयी.

बिरसा हरित ग्राम योजना को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन

प्रतिनिधि, तोरपा

बिरसा हरित ग्राम योजना को मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय कार्यशाला प्रखंड कार्यालय सभागार में की गयी. कार्यशाला का समापन मंगलवार को हुआ. बागवानी सखी, मेट, रोजगार सेवक और सेविका, मुखिया, बीआरपी सहित विभिन्न पंचायत प्रतिनिधियों और हितधारकों को योजना के उद्देश्यों और इसके क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से बताया. कार्यशाला के दौरान बिरसा हरित ग्राम योजना की अवधारणा, प्रखंड व जिले में अब तक की उपलब्धियों, चुनौतियों व आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गयी. कार्यशाला में पुराने बागों के प्रबंधन, बागवानी सखी की भूमिका, निगरानी तंत्र, बाजार से जुड़ाव, एफपीओ के माध्यम से किसानों को बाजार तक पहुंचाने, अंतरफसल के लिए सिंचाई सुविधा विकसित करने एवं तोरपा क्षेत्र की आवश्यकताओं आदि को लेकर पर मार्गदर्शन भी दिया गया. प्रदान संस्था के प्रशिक्षक सुरभि, राजू और आदित्य ने फील्ड लेआउट डिजाइनिंग एवं माइक्रो प्लानिंग पर प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया. फील्ड अभ्यास के दौरान प्रतिभागियों ने बागवानी क्षेत्र का सही ढंग से नियोजन करना सीखा. कार्यशाला के में तोरपा प्रखंड के 14 पंचायतों में प्रत्येक पंचायत में 50 एकड़ में बागवानी विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य

इस पहल से किसानों को बेहतर तकनीकी मार्गदर्शन, बाजार तक पहुंच और आजीविका के नए अवसर मिलेंगे. कार्यशाला में बिरसा हरित ग्राम योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए पंचायत, समुदाय और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया. यह कार्यशाला बागवानी को एक स्थायी आजीविका स्रोत के रूप में विकसित करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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