सोनाहातू. मुख्यालय स्थित जलमीनार से पिछले छह महीने से पेयजल सप्लाई नहीं होने से आसपास के लगभग 2000 परिवार के लोग पीने का पानी से वंचित हैं. अप्रैल का महीना चढ़ते ही गर्मी अपना ताप दिखाने लगी है. जिससे नदी नाले तालाब आदि जलाशयों में जलस्तर नीचे हो गया है. पेयजलापूर्ति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कतें हो रही है. लोग दूर दूर से जाकर पीने का पानी लाने को मजबूर हो गये हैं. सरकार द्वारा सोनाहातू मुख्यालय में चार लाख लीटर क्षमता वाली जलमीनार का निर्माण वर्ष 2019 में 8 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण पिछले छह महीने से पानी की सप्लाई बंद हो गयी है. कभी तकनीकी परेशानी तो कभी ऑपरेटिंग की गड़बड़ी से पानी सप्लाई नहीं होने से सोनाहातू, सारमाली, गोमेयाडीह, बाजारटांड़ समेत लगभग 2000 परिवार जल की समस्या से जूझ रहे हैं. विभाग के जेई अनिल लिंडा व सहायक अभियंता तेलेस्फोर मिंज का कहना है कि ठेकेदार द्वारा ऑपरेटरों को मजदूरी भुगतान नहीं किया है. इसी कारण पानी सप्लाई बंद है. इस सवाल पर ग्रामीणों का कहना है कि यदि ठेकेदार भुगतान नहीं किया है, तो विभाग के अधिकारी क्या उपाय कर रहे हैं, ग्रामीणों का इस सवाल पर अधिकारी के पास जवाब ही नहीं है. चाहे लोग पीने का पानी के लिए कितना भी तरसे. पिछले कई महीने से सोनाहातू के समाजसेवियों ने विभाग के अधिकारियों से पानी सप्लाई चालू कराने के लिए गुहार लगायी, किंतु विभाग के अधिकारी ग्रामीणों की गुहारों को अनदेखा कर दे रहे हैं. इधर पिछले माह सोनाहातू पंचायत के मुखिया विकास सिंह मुंडा ने बीडीओ सह सीओ मनोज महथा से ग्रामीणों के साथ आवेदन देकर अतिशीघ्र पानी सप्लाई करने की मांग करते हुए लोगों को पीने का पानी की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है. ठेकेदार ने ऑपरेटरों को भुगतान नहीं किया है, पानी सप्लाई बंद कर दी
सोनाहातू में छह माह से जलमीनार से जलापूर्ति ठप, 2000 परिवार प्रभावित

सोनाहातू में छह माह से जलमीनार से जलापूर्ति ठप, 2000 परिवार प्रभावित
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पेयजल सप्लाई नहीं होने से आसपास के लगभग 2000 परिवार के लोग पीने का पानी से वंचित हैं.