उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जन चेतना केंद्रों में हुई परीक्षा, 2027 तक शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य

कर्रा प्रखंड में उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 1287 असाक्षरों ने परीक्षा दी. इसका उद्देश्य 2027 तक देश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाना है. जानिए इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में.

कर्रा. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से संचालित उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत रविवार को कर्रा प्रखंड के विभिन्न जन चेतना केंद्रों में परीक्षा आयोजित की गयी. इसमें 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के 1287 असाक्षरों ने हिस्सा लिया.

परीक्षा में 676 महिलाएं और 611 पुरुष शामिल हुए. जन चेतना केंद्रों पर परीक्षा के दौरान संबंधित कर्मियों और शिक्षकों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा का संचालन कराया.

2027 तक शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य

प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मनमोहन साहू ने बताया कि उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत संचालित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2022-27 तक देश के शत-प्रतिशत असाक्षरों को साक्षर बनाना है.

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By Sagir ahmad

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