रनिया: सिक्किम के नामची जिले अंतर्गत समरडुंग एनएचपीसी तीस्ता स्टेज सिक्स जल विद्युत परियोजना के निर्माणाधीन हेड रेस टनल में गैस रिसाव के बाद हुए विस्फोट में टनल के अंदर कई मजदूरों की मौत हो गयी. जिसमें खूंटी जिले के रनिया प्रखंड अंतर्गत दो और रनिया से सटे पश्चिमी सिंहभूम जिले के एक व्यक्ति की मौत हो गयी.
मृतकों में रनिया प्रखंड के डाहु गांव निवासी कृष्णा साहू (22 वर्ष) और बडरू विकास कंडुलना (25 वर्ष) तथा पश्चिमी सिंहभूम के कुमसिंग मदुरा गांव निवासी मसीह बरजो (27 वर्ष) शामिल हैं. जानकारी के अनुसार वे अपने अन्य साथियों के साथ काम की तलाश में सिक्किम गये थे. जहां पटेल कंस्ट्रक्शन कंपनी में मजदूरी कर रहे थे.
हादसे में कृष्ण साहू के भाई बबलू साहू बाल-बाल बच निकले. उन्होंने फोन पर बताया कि वे अपने भाई कृष्णा साहू के साथ दो जुलाई को सिक्किम पहुंचे थे. कृष्णा साहू और विकास कंडुलना सुरंग के अंदर मजदूरी करते थे. जबकि उन्हें कैंटीन (मेस) में काम मिला था.
घटना वाले दिन वे दो अन्य साथियों के साथ सुरंग में काम कर रहे मजदूरों के लिए दोपहर का भोजन लेकर अंदर गए थे. तभी अचानक ब्लोअर का पाइप फट गया और आग व जहरीली गैस फैल गई. किसी तरह वे और सात अन्य मजदूर जान बचाकर बाहर निकल आए लेकिन कृष्णा, विकास समेत 22 मजदूर सुरंग के अंदर ही फंस गए और उनकी मौत हो गई.
हादसे की सूचना मिलते ही रनिया प्रखंड के डाहु गांव में मातम छा गया. मृतक कृष्णा साहू और विकास कांडुलना के घरों में चीख-पुकार मच गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीण लगातार मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द गांव लाने की मांग कर रहे हैं.
पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं. घटना को लेकर तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने शोक प्रकट किया है. उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से हर संभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा.
विधायक ने बताया कि इस संबंध में संबंधित मंत्री और अधिकारियों से बातचीत की जा रही है, ताकि मृतकों के शवों को शीघ्र उनके पैतृक गांव पहुंचाया जा सके. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस दुख की घड़ी में सरकार और वे स्वयं पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं.
