बुंडू. मोदी सरकार के किसान मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में माकपा का छोटानागपुर स्तरीय जन आक्रोश जत्था मंगलवार को बुंडू पहुंचा. मौके पर बिरसा मुंडा प्रतिमा स्थल पर सभा का आयोजन किया गया. जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए माकपा की पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य सह पूर्व सांसद वृंदा करात ने कहा कि मोदी सरकार ने देश के किसानों-मजदूरों के हितों को बेच डाला, भारत-अमेरिका समझौता कर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. भारतीय उत्पादों के लिए 18 प्रतिशत टैरिफ भारतीय संप्रभुता एवं भारतीय किसानों के लिए मौत की घंटी है, किसान-मजदूर विरोधी चार लेबर कोड, बिज और बिजली विधेयक, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता तथा मनरेगा का खात्मा जन विरोधी है. उन्होंने कहा कि इजराइल-अमेरिका द्वारा हमला से इरान में 185 छात्राओं की मौत पर मोदी सरकार चुप है. श्रीमती करात ने कहा कि झारखंड में पेशा नियमावली के तहत बिना ग्राम सभा के ही जबरन जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है. सभा को माकपा राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो, राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरेश मुंडा ने संबोधित किया. इनलोगों ने 24 मार्च की दिल्ली रैली में किसान-मजदूरों को शामिल होने की अपील की. धन्यवाद ज्ञापन जिला कमेटी सदस्य रंजीत मोदक ने किया. इस अवसर पर समीर दास, प्रफुल्ल लिंडा, रंगोवती, दिवाकर मुंडा, मदुवा कच्छप, अमल आज़ाद, मंगल मुंडा, लोधरो मुंडा, जेहरू लाल मुंडा, रीता स्वासी, लक्ष्मी देवी, सहचरी देवी, अनुप दत्ता, रामधन मछुवा, सदानंद स्वासी, उमेश महतो, रतन महतो, जयपाल सिंह मुंडा, शोभाराम महतो, बिसमबर महतो, लोकल कमिटी सदस्य दिनेश महतो, घुरन पातर, राजेंद्र सिंह मुंडा, विशेश्वर अहिर, शैलेश मुंडा, रबि गोझू, बिरसा मुंडा सहित काफी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं.
मोदी सरकार ने देश के किसान मजदूर के हित को बेच दिया : वृंदा करात
माकपा की पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात ने कहा कि मोदी सरकार ने देश के किसानों-मजदूरों के हितों को बेच डाला.
