PLFI ने लाल कपड़े पर सफेद स्याही से जारी किया फरमान- विधानसभा चुनाव का करें बहिष्कार

PLFI Vote Bycott: झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले पीएलएफआई ने वोट बहिष्कार का बैनर साटकर खूंटी में दहशत फैला दी है. लोग परेशान हैं. पुलिस जांच में जुट गई है.

PLFI Vote Bycott|खूंटी, चंदन कुमार : झारखंड की राजधानी रांची से सटे खूंटी में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) ने वोट बहिष्कार का पोस्टर लगाकर शहर में सनसनी फैला दी है.

कर्रा रोड पर शिवाजी चौक के पास पोस्टर से लोगों में दहशत

खूंटी के जिला मुख्यालय में शहर के बीचोबीच कर्रा रोड पर शिवाजी चौक के पास इस प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन का पोस्टर देख लोगों में दहशत का माहौल है. गुरुवार को सुबह-सुबह लोग घरों से बाहर निकले, तो वहां लाल रंग का बैनर देख अचंभित रह गए.

खूंटी थाना के पास उग्रवादियों ने लगाया पोस्टर

उग्रवादियों ने खूंटी थाना के पास इस पोस्टर को टांगा है. पीएलएफआई ने इस पोस्टर के जरिए लोगों से वोट का बहिष्कार करने की अपील की है. जैसे ही इसकी जानकारी पुलिस को मिली, खूंटी थाना ने पोस्टर को खोलकर अपने कब्जे में ले लिया.

झारखंड विधानसभा चुनाव की ताजा खबरें यहां पढ़ें

वोट बहिष्कार का पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर रही पुलिस

पुलिस ने कहा है कि पोस्टर लगाने वाले की पहचान की जा रही है. पुलिस जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लेगी. साथ ही लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं. झारखंड विधानसभा चुनाव से ऐन पहले पीएलएफआई के इस फरमान से लोग घबरा गए हैं.

पीएलएफआई के द्वारा लगाए गए पोस्टर को पढ़ते स्थानीय लोग. फोटो : प्रभात खबर

कुछ साल पहले तक खूंटी में सक्रिय थे पीएलएफआई उग्रवादी

खूंटी जिला कभी नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था. पीएलएफआई भी इस इलाके में काफी सक्रिय था. हाल के दिनों में नक्सलियों और उग्रवादियों की गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन चुनाव से ऐन पहले पोस्टर साटकर उग्रवादियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश की है.

खूंटी विधानसभा सीट पर 13 नवंबर को पहले चरण में होगी वोटिंग

अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित खूंटी विधानसभा सीट पर पहले चरण में यानी 13 नवंबर को वोटिंग है. मतदान से एक सप्ताह पहले पीएलएफआई ने वोट बहिष्कार की अपील की. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

पीएलएफआई के पोस्टर में क्या?

पीएलएफआई ने लाल कपड़े पर सफेद स्याही से लिखा है- पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया झारखंड की तमाम किसान-मजदूर, आदिवासी-मूलवासी छात्र-नौजवान, महिलाएं और बुद्धिजीवी समेत अवाम को जागृत करते हए 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा करता है. जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए जनता चुनाव का बहिष्कार करे. सभी वोटबाजों की नजर झारखंड की खनिज संपदा पर है. झारखंड निर्माण के 24 साल बाद भी मूल रूप से अव्यवस्था से आम अवाम वंचित है. शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई किसी भी क्षेत्र में सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया. विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करें. क्रांतिकारी जन संगठन जनता अपना गांव और अपनी सरकार बनाने की तैयारी करें. व्यवस्था बदलना है, तो चुनाव का बहिष्कार करें, क्योंकि चुनाव के जरिए सरकार बदलती तो है, लेकिन बुनियादी समस्या का हल नहीं होता. पूंजीवादी व्यवस्था ध्वस्त करें. नई जनवादी व्यवस्था कायम करें. वोट मांगने वालों का आम जनता बहिष्कार करे. चुनाव बहिष्कार की अपील के साथ-साथ कहा गया है कि पुलिस प्रशासन का राज ध्वस्त करें.

Also Read

Jharkhand Naxal News : खूंटी एसपी ने भरी हुंकार, पीएलएफआई को समाप्त करने के लिए चलेगा अभियान

खूंटी : पुलिस को मिली बड़ी सफलता, पीएलएफआई के एरिया कमांडर सहित 2 उग्रवादी गिरफ्तार

खूंटी से पीएलएफआइ के 2 सदस्य गिरफ्तार, एरिया कमांडर लंबू उर्फ राडूंग बोदरा के लिए करते थे काम

Jharkhand Naxal News: नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता, खूंटी से PLFI एरिया कमांडर समेत दो उग्रवादी हथियार के साथ अरेस्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >