7.5 करोड़ की लागत से चमकेगा खूंटी का पंचघाघ जलप्रपात: नए साल में नए कलेवर में दिखेंगे नजारे

नववर्ष में पंचघाघ जलप्रपात सैलानियों को एक नए अंदाज में दिखेगा. करीब साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से हो रहे सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विकास के कार्य अंतिम चरण में हैं. फुटब्रिज, सीढ़ियों, फुटपाथ पर आकर्षक टाइल्स और पुरानी कियोस्क को नया रूप दिया जा रहा है.

खूंटी: जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार पंचघाघ जलप्रपात जल्द ही नये कलेवर में नजर आयेगा. पर्यटन विभाग की ओर से करीब साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से पंचघाघ पर्यटन स्थल के सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विकास का काम कराया जा रहा है. इन दिनों स्थल पर निर्माण और सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है. कार्य की रफ्तार को देखते हुए उम्मीद है कि नववर्ष में पंचघाघ आने वाले पर्यटकों को इसका बदला हुआ स्वरूप देखने को मिलेगा. सौंदर्यीकरण योजना के तहत पंचघाघ के फुटब्रिज, सीढ़ियों और फुटपाथ को आकर्षक बनाया जा रहा है. इन जगहों पर डिजाइनदार टाइल्स लगाने का काम चल रहा है. पर्यटकों के बैठने के लिए गुलाबी रंग की सीट भी लगायी जा रही हैं. इससे एक ओर पर्यटन स्थल की खूबसूरती बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर पर्यटकों को बैठने और घूमने के दौरान बेहतर सुविधा मिलेगी.

पुराने कियोस्क को भी मिलेगा नया रूप

पंचघाघ में वर्षों से मौजूद कियोस्क को भी योजना के तहत अपग्रेड किया जा रहा है. पुराने ढांचे को बेहतर स्वरूप देकर आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने का काम चल रहा है. इसके अलावा पर्यटन स्थल पर लगे होर्डिंग और सूचना संबंधी बोर्ड को भी नया और आकर्षक रूप दिया जा रहा है. इससे पर्यटकों को स्थल से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है.

भवन और शौचालय का भी हो रहा निर्माण

पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पंचघाघ में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया है. योजना के तहत भवन और शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है. पर्यटन विभाग का उद्देश्य पंचघाघ आने वाले पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है. सुविधाओं के विस्तार से यहां आने वाले सैलानियों को काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है.

बारिश के बाद फिर निखरने लगा पंचघाघ

पिछले दिनों हुई लगातार बारिश के कारण पंचघाघ नदी का जलस्तर बढ़ गया था. बारिश के पानी के कारण नदी का पानी मटमैला भी हो गया था. अब बारिश कम होने के साथ नदी का जलस्तर धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है. पानी के साफ होने के साथ पंचघाघ की खूबसूरती भी फिर से निखरने लगी है. प्राकृतिक हरियाली, ऊंची-नीची चट्टानों और नदी की कई धाराओं के बीच स्थित पंचघाघ लंबे समय से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है. खासकर बारिश और सर्दी के मौसम में यहां बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं. आसपास का प्राकृतिक वातावरण और जलप्रपात की अलग-अलग धाराएं पंचघाघ को खास बनाती हैं.

सुविधाएं बढ़ने से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विकास का काम पूरा होने के बाद पंचघाघ की खूबसूरती के साथ पर्यटकों के लिए सुविधाएं भी बढ़ेंगी. फुटब्रिज, सीढ़ियों और फुटपाथ के बेहतर होने से आवाजाही आसान होगी. वहीं बैठने की व्यवस्था, कियोस्क, भवन और शौचालय जैसी सुविधाओं के विकसित होने से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है. यदि निर्माण कार्य तय समय के अनुसार पूरा हुआ, तो नववर्ष में पंचघाघ नये कलेवर के साथ पर्यटकों का स्वागत करेगा. प्राकृतिक खूबसूरती के साथ आधुनिक सुविधाओं से लैस पंचघाघ जिले के पर्यटन को नयी पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

पंचघाघ को दिया जा रहा है नया रूप | Prabhat Khabar Network

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By चंदन कुमार

चंदन कुमार खूंटी के ब्यूरो प्रभारी हैं और उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने वर्ष 2010 में खूंटी से पत्रकारिता की शुरुआत की और वर्ष 2017 में प्रभात खबर से जुड़े. लंबे समय से खूंटी जिले में सक्रिय पत्रकारिता के कारण उन्हें जिले के सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों की गहरी समझ और मजबूत पकड़ है.

चंदन कुमार नक्सली घटनाओं, आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों, राजनीतिक गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों और जिला प्रशासन की गतिविधियों सहित जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों को प्रमुखता से कवर करते हैं. क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को सामने लाने और आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देने वाली उनकी पत्रकारिता उनकी खास पहचान है.

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