अफीम की खेती के दुष्प्रभाव की दी जानकारी

बुंडू अनुमंडल क्षेत्र में अफीम की खेती को अभियान चलाकर नष्ट की जा रही है. पुलिस अफीम की खेती का लगभग 85 प्रतिशत खेती नष्ट कर चुकी है.

प्रतिनिधि, बुंडू

बुंडू अनुमंडल क्षेत्र में अफीम की खेती को अभियान चलाकर नष्ट की जा रही है. पुलिस अफीम की खेती का लगभग 85 प्रतिशत खेती नष्ट कर चुकी है. लोगों के अनुसार, पोस्ता और अफीम की खेती पुलिस द्वारा नष्ट किये जाने के बाद पोस्ता की खेती करनेवाले हताश है. उन्हें उम्मीद नहीं थी कि पोस्ता की खेती को इस प्रकार रौंद दिया जायेगा. बताया जाता है कि क्षेत्र के कई नेताओं के कार्यकर्ता लोगों को भरोसा दिया था कि नेताजी को चुनाव जीता और पूर्व की भांति निर्भीक होकर पोस्ता की खेती करते रहो. लेकिन वैसा नहीं हुआ इसके बाद लोग कह रहे हैं कि पोस्ता की खेती को पुलिस द्वारा नष्ट किये जाने के बाद बाजार में मंदी की हालात है. इस पर बुंडू डीएसपी ओमप्रकाश ने बताया कि हमें भी इसका अनुमान है और हम उससे निपटने के लिए तैयार बैठे हैं. अपराध किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जायेगा.

16 एकड़ अफीम की खेती नष्ट की गयी :

बनाबुरु, हेसादा गांव के जंगली इलाकों से 16 एकड़ में लगी अफीम की फसल को बुंडू पुलिस की टीम ने ट्रैक्टर चला कर नष्ट की. इस छापामारी अभियान का नेतृत्व थानेदार इंस्पेक्टर रामकुमार वर्मा ने किया. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वह आमदनी बढ़ाने के लिए हरी सब्जी व तकनीकी खेती करें और आमदनी बढ़ाएं. थानेदार ने लोगों से अफीम खेती छोड़कर समाज और देश के हित में कार्य करने की अपील की.

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By Prabhat Khabar News Desk

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