बुंडू. भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) के अधिकारी बने गुमला जिला के डीडीसी दिलेश्वर महतो का पैतृक गांव एदेलहातु के राजकीय मध्य विद्यालय प्रांगण में सम्मान किया गया. इस मौके पर विद्यालय के छात्रों एवं ग्रामीणों को संबोधित करते हुए दिलेश्वर महतो ने कहा कि जनसेवा और गांव का विकास की मेरी प्राथमिकता रही है. मैंने पैतृक ग्राम विद्यालय में 1980 में प्राथमिक शिक्षा ली. आज मैं आइएएस ऑफिसर बन कर आया हूं और मेरे गुरु सहदेव प्रमाणिक को सम्मानित कर मैंने आशीर्वाद लिया और गर्व महसूस कर रहा हूं. उन्होंने विद्यालय के छात्रों और गांव के अभिभावकों से अपील करते हुए कहा शिक्षा ही विकास की मूल सीढ़ी है. छात्र मेहनत कर अपनी मंजिल हासिल करें और आइएएस अफसर बनें. डीडीसी दिलेश्वर महतो ने गरीब बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने की घोषणा की. समारोह में उनके बड़े भाई झारखंड पुलिस सेवा के अधिकारी लीलेश्वर महतो का भी सम्मान किया गया. समारोह में 24 वर्षों पूर्व सेवानिवृत्त हुए शिक्षक गुरु सहदेव प्रमाणिक को पुष्प गुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया. मौके पर अधिवक्ता महेश्वर महतो, सदर मो रयूब, राजेंद्र महतो, बसु सेठ, कार्तिक महतो, सुभाष महतो, गुला कुशवाहा, दीपक जायसवाल, अधिवक्ता राजनाथ सिंह के अलावा विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक, छात्रगण एवं अभिभावक मौजूद थे.
आइएएस दिलेश्वर महतो का पैतृक गांव एदेलहातु में सम्मान
डीडीसी दिलेश्वर महतो का पैतृक गांव एदेलहातु के राजकीय मध्य विद्यालय प्रांगण में सम्मान किया गया.
