खूंटी. झारखंड महिला उत्थान एवं जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शनिवार को डीआरडीए सभागार में ‘बाल विवाह मुक्त भारत-थैंक यू’ कार्यक्रम आयोजित किया गया. अभियान में सहयोग करने वाले जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, धर्मगुरुओं और अन्य स्टेकहोल्डर्स को गुलदस्ता एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया.
मुख्य अतिथि विधायक रामसूर्या मुंडा ने कहा कि बाल विवाह गंभीर सामाजिक कुरीति है. इसे समाप्त करने के लिए कानून के साथ समाज के हर वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी. अभिभावक बच्चों को शिक्षा से जोड़ें और कम उम्र में विवाह कराने के बजाय उनके बेहतर भविष्य पर ध्यान दें. उन्होंने संस्था, प्रशासन, शिक्षकों और ग्रामीणों के प्रयासों की सराहना की.
नरेश मांझी ने बताया कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में गांव, हाट-बाजार, स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाया गया. बाल विवाह मुक्ति रथ, हस्ताक्षर अभियान और सामुदायिक बैठकों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया. अभियान के दौरान जिले में अंडरटेकिंग के माध्यम से 550 से अधिक बाल विवाह रोके गये.
झारखंड महिला उत्थान की सचिव नीलम बेसरा ने अभियान में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया. केबी 10+2 उच्च विद्यालय, अड़की के प्रधानाध्यापक नवीन रोशन टोप्पो सहित शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया. मौके पर डीडीसी प्रवीण प्रकाश, एडीएसएस आनंद कुमार, डीसीपीओ अल्ताफ खान, सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन प्रीतिवंती मेरी मुंडरी समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, मुखिया, ग्राम प्रधान, शिक्षक और धर्मगुरु मौजूद थे.
