जिनके जीवन में गुरु नहीं, उनका जीवन शुरू नहीं : स्वामी लक्ष्मण

महर्षि मेंहीं आश्रम मलियादा और शबरी कुटिया शांतिपुरी मुरहू में गुरु पूर्णिमा पर कार्यक्रम आयोजित किये गये.

महर्षि मेंहीं आश्रम में मनायी गयी गुरु पूर्णिमा खूंटी. महर्षि मेंहीं आश्रम मलियादा और शबरी कुटिया शांतिपुरी मुरहू में गुरु पूर्णिमा पर कार्यक्रम आयोजित किये गये. कार्यक्रम में सत्संगियों ने सद्गुरुदेव के चित्र पर माल्यार्पण किया तथा पुष्पांजलि अर्पित की. मौके पर स्वामी लक्ष्मण जी महाराज ने कहा कि जिसके जीवन में गुरु नहीं, उसका जीवन शुरू नहीं. गुरु ही जीवन के अंधकार को दूर कर प्रकाश भरते हैं. गुरु शिक्षा के साथ-साथ जीवन के उद्धार की बात बताते हैं. उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा महर्षि वेदव्यासजी की जयंती के रूप में भी मनायी जाती है. वेदव्यास जी ने वेदों का संकलन और विभाजन कर मानवता को ज्ञान का मार्ग बताया. सद्गुरु महर्षि में ही परमहंस जी महाराज ने सत्संग और ध्यान का मार्ग बता कर हमें इस मानव जीवन के कल्याण की युक्ति बतायी है. स्वामी वैष्णवानंदजी महाराज ने कहा कि गुरु इहलोक-परलोक दोनों को सुधारने का मार्ग बतलाते हैं. महर्षि वेदव्यास जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वेदव्यास जी ने महाभारत, पुराणों आदि ग्रंथों की रचना की और जगत में सच्चे ज्ञान का प्रसार किया. लोदरो बाबा, मुरलीधर बाबा, दिगंबर बाबा आदि ने भी गुरु पूर्णिमा पर प्रवचन में जीवन में सद्गुरु की अनिवार्यता पर बल दिया. मौके पर डॉ डीएन तिवारी, राम हरि साव, डॉ रमेश वर्मा, मुचीराय मुंडा, कांडे मुंडा, चमरा मुंडा, सुखराम मुंडा, विष्णु मुंडा, सूरजमल प्रसाद आदि उपस्थित थे.

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Published by: Satish sharma

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