खूंटी: झारखंड के खूंटी जिलें में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका तैयार करने को लेकर गुरुवार से डीआरडीए सभागार में दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ. प्रशिक्षण की अध्यक्षता अपर समाहर्ता सह जिला जनगणना पदाधिकारी सुषमा लकड़ा ने की. इसमें भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय, नई दिल्ली से संयुक्त निदेशक सह नोडल पदाधिकारी पूर्णिमा प्रसाद भी शामिल हुईं.
आंकड़े ही विकास योजनाओं की नींव
प्रशिक्षण के दौरान पूर्णिमा प्रसाद ने जनगणना कार्य के सफल संचालन और गुणवत्तापूर्ण डाटा संकलन की प्रक्रिया की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सही और प्रमाणिक आंकड़े ही विकास योजनाओं की मजबूत नींव होते हैं. इसलिए सभी कर्मी पूरी जिम्मेदारी और सावधानी से कार्य करें.
मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल से डाटा सत्यापन
जनगणना कार्य निदेशालय, झारखंड के सेतेंग ज्योति बराड़उद और प्रवीण कुमार सिन्हा ने जिला जनगणना हस्तपुस्तिका के लिए आंकड़ों के संकलन, सत्यापन और संधारण की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया. उन्होंने डीसीएचबी मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से डाटा प्रविष्टि, सत्यापन और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने की जानकारी भी दी.
जनगणना को त्रुटिरहित और समयबद्ध पूरा करना
प्रशिक्षण में खूंटी, मुरहू, तोरपा, रनिया, अड़की और कर्रा प्रखंड के नामित राजस्वकर्मियों के अलावा खूंटी नगर पंचायत के कर्मियों ने भाग लिया. प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य को त्रुटिरहित और समयबद्ध तरीके से पूरा करना है. आंकड़ों का संकलन 20 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक किया जाएगा. इस दौरान निर्धारित प्रारूप के अनुसार सूचनाएं एकत्र कर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी.
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जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं
अपर समाहर्ता सुषमा लकड़ा ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं और सरकारी नीतियों का आधार है। इसलिए सभी कर्मी पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि जिले का डाटा सही और विश्वसनीय तैयार हो सके।
