अंगराबारी जाने वाले श्रद्धालुओं को होगी परेशानी, क्षतिग्रस्त पुल पर अब तक नहीं बना डायवर्सन, कैसे पहुंचेगे धाम

Angrabari Bridge: बनई नदी पर बने पेलोल पुल को क्षतिग्रस्त हुए दो सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है. लेकिन, अब तक किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. लोग वैकल्पिक मार्ग से आवागमन को विवश हैं. ऐसे में अंगराबारी स्थित आम्रेष्वर धाम आने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होगी.

Angrabari Bridge Collapsed | खूंटी,चंदन: खूंटी-सिमडेगा पथ में बनई नदी पर बने पेलोल पुल को क्षतिग्रस्त हुए दो सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है. लेकिन, अब तक किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. पुल के पास डायवर्सन बनाये जाने का प्रस्ताव भी सरकारी नियमों में उलझा हुआ है. लोग वैकल्पिक मार्ग से आवागमन को विवश हैं. अगर ये दो-तीन वैकल्पिक मार्ग नहीं होते तो शायद आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया होता.

अंगराबारी जाने वाले श्रद्धालुओं को होगी परेशानी

11 जुलाई से सावन का महीना भी शुरू होने वाला है. ऐसे में अंगराबारी स्थित आम्रेष्वर धाम आने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होगी. डायवर्सन नहीं बनने के कारण मजबूरी में श्रद्धालुओं को भी वैकल्पिक मार्ग से जाना होगा. ऐसे में उन्हें लगभग 10 से 15 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना होगा. आम्रेश्वर धाम जाने वाले कांवड़ियां इसी नदी से जल उठाते हैं. डायवर्सन नहीं बनने से उन्हें काफी परेशानी होगी.

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रोजाना परेशान हो रहे स्कूली बच्चे

इधर पुल के क्षतिग्रस्त होने से स्कूली विद्यार्थियों को रोजाना स्कूल जाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. महज 3-4 किलोमीटर दूर स्थित स्कूल जाने के लिए भी विद्यार्थियों को 10-15 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है. डायवर्सन नहीं बनने के कारण ग्रामीणों ने पुल में बांस की सीढ़ी लगायी थी, लेकिन इसमें जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने इसे हटा दिया. इसके बाद मजबूरी में कई ग्रामीण बच्चों को अपनी गोद में और पीठ में ढोकर नदी पैदल ही पार करा रहे हैं.

रोजाना परेशान हो रहे स्कूली बच्चे

तत्काल अस्थायी डायवर्सन बनाने की अपील

बाबा आम्रेश्वर धाम प्रबंध समिति के महामंत्री मनोज कुमार ने कहा कि आवागमन सुचारू रूप से चलाने के लिए बनई नदी में अस्थायी डायवर्सन बनाना आवश्यक है. 12 साल पूर्व भी पुल क्षतिग्रस्त हुआ था. तब 4 दिनों के अंदर अस्थायी डायवर्सन बनाया गया था. फिलहाल आवागमन सुचारू करने के लिए तत्काल अस्थायी डायवर्सन बनाये. जिससे स्कूली विद्यार्थी, आम ग्रामीण, श्रद्धालु और छोटे वाहन परिचालन कर सकें. जिला प्रशासन और सरकार इस पर तत्काल पहल करें.

तीन दिनों की भारी बारिश में ढह गया था पुल

मालूम हो मानसून के शुरुआत में पहले तीन दिनों की भारी बारिश के में 19 जून की सुबह पेलोल पुल क्षतिग्रस्त हो गया था. इस पुल का निर्माण वर्ष 2009 में पथ निर्माण विभाग द्वारा 1.27 करोड़ की लागत से किया गया था. पुल की लंबाई 106 फीट है.

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By Dipali Kumari

नमस्कार! मैं दीपाली कुमारी, एक समर्पित पत्रकार हूं और पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं, जहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पूर्व दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी कार्य करने का अनुभव है.

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