प्रतिनिधि, खूंटी सरना धर्म सोतो समिति की ओर से सिलादोन के कोलाद में रविवार को सरना धर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. मंगरा पहान और साधो मुंडा की अगुवाइ में सरना स्थल में भगवान सिंगबोंगा की पूजा की गयी और सुख, शांति और खुशहाली की कामना की गयी. धर्मगुरु बुधराम सिंह मुंडा ने कहा कि प्रकृति महापर्व सरहुल के लिए आगामी एक अप्रैल को सरकारी अवकाश घोषित है. ऐसे में उसी दिन अपने-अपने क्षेत्रों में हर्षोल्लास के साथ सरहुल मनाया जायेगा. दोपहर को गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली जायेगी. वहीं घरों और पूजा स्थल में नये सरना झंडा लगाकर पूजा की जायेगी. समिति के सदस्य दुर्गा कच्छप ने कहा कि सरना विश्व का सबसे पुराना धर्म है. अब सरना धर्म कोड के लिए करो या मरो की स्थिति है. इसके लिए राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में जोरदार आंदोलन किया जा रहा है. उन्होंने सरना धर्म कोड लागू करने की मांग की. उन्होंने कहा कि सरना समाज के धार्मिक, सामाजिक व सांस्कृतिक मसले को अब तक अनदेखा किया जा रहा है. इससे प्रकृति पूजक धार्मिक गुलामी और धर्मांतरण के लिए मजबूर हो रहे हैं. मौके पर डॉ सीताराम मुंडा, धर्मगुरु सोमा कंडीर, धर्मगुरु बगरय मुंडा, धर्मगुरु भैयाराम ओड़ेया, धीरजू मुंडा, सुगना पहान, टुटी ओड़ेया, सनिका मुंडा, कोलाय ओड़ेया, बंटी ओड़ेया सहित अन्य उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
