मां सोसन मुक्ता सहित तीन लोग गिरफ्तार
अंतरजातीय विवाह से क्षुब्ध थी लड़की की मां
खूंटी : मुरहू के डऊगड़ा के समीप विगत 28 जनवरी को हुए गोड़ाटोली निवासी शाहिद आलम की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. पुलिस ने हत्या में शामिल तीन अभियुक्त बिरहू के इलियाजर संगा, डहकेला के नितेश तोपनो एवं मुरहू के मेलाटांड़ निवासी महिला सोसन मुक्ता को गिरफ्तार कर लिया है.
नितेश व इलियाजर खूंटी के खूंटीटोली में रह रहे थे. घटना में शामिल एक अन्य अभियुक्त सोनू महतो (सिलादोन) की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है. पुलिस ने घटना में शामिल एक अभियुक्त संजय ओड़ेया को एक दूसरे कांड में पूर्व में ही जेल भेज चुकी है.
कैसे मिली सफलता : एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा को गुप्त सूचना मिली की उक्त हत्याकांड में शामिल इलियाजार संगा, नितेश तोपनो खूंटी के बाजार टांड़ क्षेत्र में घूम रहे हैं. सूचना पर एसपी ने एक टीम गठित की. जिसमें खूंटी थानेदार अहमद अलि, मुरहू थानेदार दिनेश प्रजापति, अनि बमबम कुमार एवं पुलिस बल को शामिल किया गया. दल ने छह मार्च की शाम बाजार टांड़ क्षेत्र में छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में सोसन मुक्ता द्वारा शाहिद की हत्या कराने की बात सामने आयी. पुलिस ने मुरहू के मेलाटांड़ स्थित उसके घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया. सभी ने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
प्रेम विवाह से क्षुब्ध सोसन मुक्ता ने हत्या करायी थी : एसपी के मुताबिक सोसन मुक्ता की पुत्री (युवती ट्राइबल है) के साथ शाहिद आलम ने कोर्ट मैरेज किया था. यह बात सोसन को पसंद नहीं था. उसने शाहिद की हत्या कराने के बाबत अपने रिश्तेदार नितेश तोपनो से संपर्क किया. हत्या कराने के एवज में सोसन ने उसे 32 हजार रुपये दिये. इसके बाद नितेश ने हत्या के लिए अपने साथ इलियाजर संगा, संजय ओड़ेया, सोनू महतो को साथ लिया.
नितेश ने सहयोगियों के बीच सुपारी की राशि का बराबर-बराबर बंटवारा कर दिया. फिर चारों ने घटना की शाम शाहिद को पुलिस के मुताबिक खूब शराब पिलायी. जब वह नशे में धुत होकर बेसुध हो गया, तब उसे उसके ही टेंपो से डऊगड़ा के समीप ले गये, फिर चाकू मार कर व पीट-पीट कर उसकी हत्या कर शव को उसके टेंपो में छोड़ कर फरार हो गये.
