बिना ग्रामसभा के खदान नहीं चलने देने का निर्णय

खलारी : करकट्टा व विश्रामपुर के ग्रामीणों की बैठक मैनेजर बंगला में गणेश पाहन की अध्यक्षता में हुई. बैठक में कहा गया कि केडीएच आउटसोर्सिंग पैच में वीपीआर कंपनी द्वारा 390 एकड़ जमीन में काम किया जा रहा है, उसमें ग्रामसभा से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है. लेकिन आग बुझाने के नाम पर […]

खलारी : करकट्टा व विश्रामपुर के ग्रामीणों की बैठक मैनेजर बंगला में गणेश पाहन की अध्यक्षता में हुई. बैठक में कहा गया कि केडीएच आउटसोर्सिंग पैच में वीपीआर कंपनी द्वारा 390 एकड़ जमीन में काम किया जा रहा है, उसमें ग्रामसभा से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है. लेकिन आग बुझाने के नाम पर अधिग्रहित क्षेत्र में विस्तारीकरण का काम किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर केडीएच में वर्षों से आग लगी हुई है और करोड़ों का कोयला जल कर खाक हो गया, लेकिन इस आग को बुझाने के लिए सीसीएल की ओर से कोई पहल नहीं किया जा रहा है. इसके अलावा कई पुरानी खदानों में भी आग लगी हुई है. जिसका पर्यावरण पर विपरीत असर पड़ रहा है. इसे छोड़ आउटसोर्सिंग खदान से सटे जमीन पर आग बुझाना सीसीएल की मंशा पर सवाल पैदा करता है.
ग्रामीणों ने कहा कि बिना ग्रामसभा की सहमति के गांव के वनभूमि तथा गैरमजरूआ जमीन पर खदान चलाने की सीसीएल की मंशा कभी पूरी नहीं होने दी जायेगी. बैठक में बिना ग्रामसभा किये उक्त जमीन पर काम करने का विरोध व आंदोलन करने का निर्णय लिया गया. बैठक में बहुरा मुंडा, विश्वनाथ गंझू, किशुन मुंडा, पंकज मुंडा, प्रभाकर गंझू, शत्रुध्न मुंडा, बाबला भुइयां, नरेश टोपनो, रामलगन मुंडा आदि उपस्थित थे.

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