कार्यकर्ता सम्मेलन में सुदेश महतो ने कहा
राज्य सरकार व जनता के बीच संवादहीनता की स्थिति है
खूंटी : राज्य में रघुवर दास की सरकार ग्राम पंचायत व ग्रामसभा को कमजोर करने का काम कर रही है. सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के पीछे राज्य सरकार का स्वार्थ छिपा है. एक्ट में संशोधन जल, जंगल व जमीन की रक्षा में शहीद हुए लोगों का अपमान है. जब तक पंचायत व ग्राम सभा सशक्त नहीं होंगे, राज्य का विकास संभव नहीं है. यह बातें आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने कही. वह रविवार को खूंटी में पार्टी की जिलास्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में बोल रहे थे.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व जनता के बीच संवादहीनता की स्थिति है. यही कारण है कि राज्य का विकास नहीं हो रहा है. जब वे सरकार में थे. तो ग्रामसभा व पंचायत को सशक्त करने का प्रयास किया था. जिसके काफी अच्छे परिणाम भी मिले. आज सरकार की मंशा इस बाबत ठीक नहीं है. सुदेश ने कहा कि कोई भी कार्य ग्रामसभा की अनुमति के बगैर नहीं होनी चाहिए. आजसू जन भावना को ध्यान में रख कर राजनीति करती है. झारखंड का समुचित विकास केवल आजसू पार्टी से ही संभव है. उन्होंने संगठन के सशक्तीकरण की बाबत कार्यकर्ताओं को कई टिप्स भी दिये.
तमाड़ विधायक विकास सिंह मुंडा ने भी सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का विरोध किया. कहा कि दोनों एक्ट आदिवासियों की आत्मा है. एक्ट में संशोधन का वे शुरू से विरोध करते रहे हैं. यही कारण है कि उन्होंने टीएसी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. राज्यपाल से अनुरोध है कि वह स्वविवेक का इस्तेमाल करते हुए एक्ट में संशोधन को कदापि मंजूरी न दें. केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने कहा कि आजसू की नीति व सिद्धांत केवल जनता का विकास करना है.
अनुज कुमार ने कहा कि पार्टी ने खूंटी में संगठन विस्तार को लेकर बिगुल फूंक दिया है. सम्मेलन में वायलेट कच्छप, हसन अंसारी, विजय मानकी, राजेंद्र मेहता, शिवचरण मुंडा, लाडले खां, केशव महतो, लोदा नायक, सुधा मुंडू, छोटू खां, शहजादा खां, रोहित
कुमार, मनोज मुंडल, सुनील नाग, विजय सिंह मानकी, सुरेश चंद्र मानकी, अरविंद कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे.
आजसू की सदस्यता ली
सम्मेलन के दौरान जिप सदस्य इंदुमती देवी सहित विभिन्न संगठनों के दर्जनों लोगों ने आजसू की सदस्यता ग्रहण की. सुदेश महतो ने सभी का माला पहना कर अभिनंदन किया.
