पिपरवार : पिपरवार थाना क्षेत्र के कारो-बनहे मार्ग पर गरही नदी पर 5.37 करोड़ की लागत से पुल के निर्माण किया जा रहा है. पुल का निर्माण कर रही कश्यप कंस्ट्रक्शन कंपनी की तीन मशीनें झारखंड टाइगर ग्रुप के उग्रवादियों ने फूंक डाली.
दो बाइक पर आये छह उग्रवादियों ने बुधवार रात करीब आठ बजे घटना को अंजाम दिया. कंस्ट्रक्शन कंपनी की साइट पर पहुंचते ही हथियारों से लैस उग्रवादियों ने कर्मियों को पहले बंधक बनाया. अंधाधुंध पिटाई कर सबके मोबाइल फोन छीन लिये. घटनास्थल पर संगठन का परचा भी छोड़ा. उग्रवादी कह रहे थे कि ठेकेदार फोन नहीं उठाता है. घटना को अंजाम देने में झारखंड टाइगर ग्रुप के प्रदीप जी के शामिल होने की बात बतायी जा रही है.
पेट्रोल छिड़क कर मशीन जला दी : कंपनी के मुंशी विनोद यादव ने बताया कि कर्मियों को बंधक बनाने के बाद उग्रवादियों ने पेट्रोल बम से हमला कर पायलिंग मशीन में आग लगा दी. इसके बाद जेसीबी मशीन व ट्रैक्टर को पेट्रोल छिड़क कर जला दिया.
उग्रवादियों की पिटाई में सुरक्षा गार्ड रूपलाल महतो, मुंशी विनोद यादव, सुपरवाइजर मिथिलेश राम, मिथिलेश यादव, पायलिंग मशीन ऑपरेटर अनवर अंसारी, सुगल मियां, छठु गंझू, राजेश राम, जेसीबी ऑपरेटर हृदय सिंह घायल हो गये.
12 घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
घटना के 12 घंटे बाद पिपरवार थाना प्रभारी सदल-बल मौके पर पहुंचे. पिपरवार पुलिस ने कंस्ट्रक्शन कर्मियों से घटना की जानकारी ली. ग्रामीणों को घटनास्थल से नाइन एमएम का एक खोखा भी मिला. कंपनी के कर्मियों ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना रात में ही दे दी गयी थी, लेकिन पुलिस 12 घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची.
ग्रामीण भी आक्रोशित
कारो-बुंडू को जोड़नेवाली गरही नदी पर पुल नहीं रहने से आसपास के दर्जनों गांव बरसात में टापू बन जाते हैं. उग्रवादियों की कार्रवाई और पुलिस प्रशासन के गैरजिम्मेदाराना रवैये से ग्रामीणों में काफी रोष है.
