खलारी : एनके एरिया के आवासीय कॉलोनी करकट्टा-विश्रामपुर व आसपास के इलाकों में पेयजल एक बड़ी समस्या बनती जा रही है. यह क्षेत्र चारों ओर से खदान से घिर गया है.
हाल ही में केडीएच आउटसोर्सिंग पैच का काम शुरू किया गया है. इस इलाके का बड़ा भाग पुराने अंडरग्राउंड माइंस पर बसा है. खदान को गहरा किये जाने से जमीन का जलस्तर भी पाताल जा रहा है. कॉलोनी में खिलानधौड़ा तालाब से सीधे पानी सप्लाई की जाती है, जो पीने योग्य नहीं होता. करकट्टा सबस्टेशन के पास सीसीएल प्रबंधन द्वारा ही एक डीप बोर कराया गया था. जहां से लोग पीने का पानी ले जाया करते थे, लेकिन निकट में खदान गहरा किये जाने से बोर का जलस्तर नीचे चला गया है, और उसमें लगा कंप्रेशर पंप पर्याप्त पानी नहीं खींच पा रहा है. इसके अलावे खिलानधौड़ा के निकट एक कुआं था, लोग वहां से भी पीने का पानी लाया करते थे. यह कुआं भीषण गरमी में भी नहीं सूखता था, लेकिन इसबार गरमी के पहले ही इसका जलस्तर काफी नीचे चला गया है.
कुआं काफी गंदा भी हो गया है. प्रबंधन को इस बात की जानकारी है कि पूरी बस्ती इस कुएं पर आश्रित है, फिर भी इस पर किसी का ध्यान नहीं है. कुछ लोग पानी खरीद कर पी रहे हैं. गांव व बस्ती के लोगों का कहना है कि प्रबंधन न तो लोगों को विस्थापित कर रही है, न ही मूलभूत सुविधा दे रही है. लोगों में प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी है.
