खूंटी : सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के राज्य सरकार के प्रस्ताव को रद्द करने की मांग को लेकर मंगलवार को यहां आदिवासी सेंगेल अभियान के तत्वावधान मेें सभा का आयोजन किया गया.
इसका नेतृत्व पूर्व सांसद सालखन मुरमू कर रहे थे. कदमा में आयोजित सभा में सालखन मुरमू ने कहा कि राज्य सरकार की नजर आदिवासियों की जमीन पर है. उक्त दोनों एक्ट में संशोधन आदिवासियों की भूमि को हड़पने के लिए किया जा रहा है. सभी इसका तब तक विरोध करते रहेंगे, जब तक की उक्त एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रद्द नहीं हो जाता है.
मार्शल बारला, दामु मुंडा, चैतन्य मुंडा, जोन नाग आदि ने कहा कि आदिवासियों की जल, जंगल, जमीन ही पहचान है. किसी भी कीमत पर एक्ट में संशोधन होने नहीं देंगे. मंगरा नायक, जेम्स मुुंडा, भोला पाहन, जोन नाग, मंगरा मुंडा ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट आदिवासियों की आत्मा है. इसमें संशोधन कतई स्वीकार नहीं होगा. मांगों के बाबत एक ज्ञापन सरकार को भेजा गया है. मौके पर विभिन्न गांवों से आये सैकड़ों ग्रामीणों ने आंदोलन को और तेज करने एवं सात अप्रैल को रांची में सेंगेल समाधान जनसभा करने का निर्णय लिया.
