खूंटी : क्षेत्र में लोगों को एक अनुमान के अनुसार 22 प्रकार के रोग होते हैं. सही समय पर बीमारी की पुष्टि हो तो उपचार सही ढंग से हो सकता है. रोगी जल्द स्वस्थ हो सकता है. पर रोग के बाबत आज अधिकतर लोग अनभिज्ञ रहते हैं. रोग दशाओं के संबंध में एकत्र करने की प्रक्रिया को निगरानी कहा जाता है.
ताकि स्थितियाें का पता लगा कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके. यह बात बुधवार को सदर अस्पताल में एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम मेें सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ रामरेखा प्रसाद ने कही. उन्होंने कहा कि निगरानी के मुख्य चरण में आंकड़े एकत्र करना, जांच व संपुष्टि, आंकड़ों का विश्लेषण तथा उनकी व्याख्या, नियंत्रण के लिए कार्रवाई, रोग और उसकी दशा के बारे में निवारण व नियंत्रण के लिए कार्यवाही, रोग एवं उसकी दशा के बारे में लोगों की राय एवं परिणामों का प्रसार शामिल है.
निगरानी जन स्वास्थ्य के संबंध में अपनाये जानेवाले उपायों का एक महत्वपूर्ण संघटक है. निगरानी से समुदाय में होनेवाली स्वास्थ्य घटनाओं पर निकट से नजर रखने तथा रोग से होनेवाले प्रकोपों का पता लगाने में सहायता मिलती है.
डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि एकीकृत रोग निगरानी परियोजना देश का एक विकेंद्रीकृत, राज्य आधारित निगरानी कार्यक्रम है.
इसका आशय प्रकोपों के प्रारंभिक चेतावनी व संकेतों का पता लगाना एवं समय पर प्रभावी कार्यवाही करने में सहायता करना है. सभी रोगों का न तो पूर्वानुमान लगाया जा सकता है और न ही उन्हें रोका जा सकता है. लेकिन जनता भी जागरूक हों तो रोग निवारण में सहायता मिलती है. महामारी पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रकोप नियंत्रण उपायों के प्रभाव के महत्वपूर्ण होने की आशा तभी की जा सकती है, जब इन उपायों को समय पर लागू किया जाये. रोग नियंत्रण की रिपोर्टिंग यूनिट के लिए सभी सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सदर अस्पताल आदि जगहों पर जानकारी दी सकती है.
डाटा ऑपरेटर फूलजेंस भेंगरा ने इसकी विस्तृत जानकारी दी. कुल 22 रोगों के लक्षण व उपचार की जानकारी कार्यक्रम के दौरान दी गयी. जिप उपाध्यक्ष श्याम सुंदर कच्छप, नगर पंचायत अध्यक्ष रानी टूटी, उपाध्यक्ष मदन मोहन मिश्र, प्रमुख रूकमिला देवी, उप प्रमुख जितेंद्र कश्यप, जयमंगल गुड़िया ने अपने संबोधन में कार्यक्रम की सराहना करते हुए जागरूकता के बाबत इसे जरूरी व कारगर बताया. कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख, उप-प्रमुख एवं दो-दो मुखियाओं ने हिस्सा लिया.
