रांची. आरसी चर्च कांके के पल्ली पुरोहित फादर पीयूष खलखो ने कहा कि दांपत्य जीवन ईश्वर की ओर से दी गयी विशेष बुलाहट और वरदान है़ ईश्वर ने दंपतियों को सह-सृष्टिकर्ता बनाया है़ उनके माध्यम से ही बच्चे इस दुनिया में आते है़ं यह सृष्टि आगे बढ़ती है़ ईश्वर ने मनुष्यों को अपने प्रतिरूप में बनाया है, इसलिए बच्चे भी उनका प्रतिरूप बने़
वह दांपत्य सम्मिलन द्वारा एक्सआइएसएस सभागार में आयोजित विश्वविवाह दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे़
उन्होंने कहा कि ईश्वर ने हमें उनके जैसा पूर्ण बनने का आह्वान किया है़ इस पूर्णता को हासिल करने का एकमात्र रास्ता प्रेम है़ वैवाहिक जीवन प्रेम का जीवन ही है़ पति-पत्नी एक दूसरे के प्रति अपने प्रेम को शब्द, कार्य व आचरण से प्रकट करे़ं संत स्तानिस्लास कॉलेज हजारीबाग के फादर इग्नासियुस टेटे ने कहा कि दांपत्य जीवन में ईश्वर को प्रथम स्थान दे़ं जब दांपत्य जीवन में ईश्वरीय प्यार दिखेगा, तभी बच्चे भी उस प्यार की अनुभूति करेंगे़
इस अवसर पर कार्यशाला का आयोजन भी हुआ, जिसमें यह बात उभर कर आयी कि कई परिवारों में ईश्वर से दूरी, नशापान, पति-पत्नी का एक दूसरे को समय नहीं देना, बच्चों का गलत रास्ते पर चलना जैसी समस्याएं है़
समाधान के लिए कहा गया कि पारिवारिक प्रार्थना से मदद मिलेगी़ परिवार के हर सदस्य का दूसरे से संवाद जरूरी है़ बच्चों काे पैसों का माेल बताना जरूरी है़ दंपती क्रिस्टोफर लकड़ा व अंजेला लकड़ा, प्रकाश खेस व राहिल खेस ने भी अपने सुझाव दिये़ कार्यक्रम का संचालन विजय खलखो व रीना खलखो किया़
