जनाक्रोश रैली में बाबूलाल मरांडी ने सरकार को कोसा, कहा
अनगड़ा : सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के विरोध में झारखंड आदिवासी मूलवासी जनसंगठन अनगड़ा द्वारा रविवार को जनाक्रोश रैली का आयोजन किया गया. इसमें सैकड़ों की महिला-पुरुष परंपरागत हथियार के साथ शामिल हुए. रैली में मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी-मूलवासियों को उखाड़ फेंकने की साजिश कर रही है, लेकिन इस बार लोग सरकार की इस साजिश का परदाफाश करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि सरकार पूंजीपतियों को बसाने व गरीबों को उजाड़ने पर आमादा है. सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन कर सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है.
बाबूलाल ने कहा कि विगत 70 सालों से यहां की जमीन को उद्योग के लिए अधिग्रहित किया गया, लेकिन लोगों को रोजगार नहीं दिया गया. उन्होंने आह्वान किया कि जमीन पर कब्जा करने आये पूंजीपतियों को खदेड़ भगायें. पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि राज्य में गरीब विरोधी सरकार बैठ गयी है. जब तक संशोधन वापस नहीं लिया जायेगा, आंदोलन जारी रहेगा. जरूरत पड़ी, तो जेल भरो आंदोलन भी चलाया जायेगा.
विधायक अमित महतो ने कहा कि दोहरे चरित्र वाले लोगों से सतर्क रहने की आवश्यकता है. पूर्व एमएलसी छत्रपति शाही मुंडा ने कहा कि यह हक व अधिकार की लड़ाई है. टीएसी के सदस्यों का सामाजिक बहिष्कार करें. रैली को पूर्व विधायक देवकुमार धान, सुंदरी तिर्की, ठुमा तिर्की, प्रेमनाथ मुंडा, अजय तिर्की, अमूल्य नीरज खलखो, सरना समाज उत्थान समिति के अध्यक्ष जमल मुंडा, अंतु तिर्की, प्रेम शाही मुंडा व रामपोदो महतो ने भी संबोधित किया.
अध्यक्षता रिझुवा मुंडा ने की. संचालन राजेंद्र मुंडा व गणेश बेदिया ने किया. मौके पर मुन्ना मुंडा, हिरदु उरांव, संतोष तिर्की, जगन लिंडा, सुकरा मुंडा, फागुराम बेदिया, विनोद बेदिया, विजय खलखो, लालमोहन करमाली, कमलेश मुंडा, जगदीश मुंडा, विजय खलखो, अशोक पाहन, राजेंद्र भोगता, नारायण मुंडा, मंतोष करमाली, शमशाद अंसारी, अशोक बेदिया सहित अन्य मौजूद थे.
