विरोध में लोगों ने दुकाने बंद रखीं

धमधमिया हत्याकांड. मंगलवार को दो युवकों को मारी गयी थी गोली खलारी : मंगलवार को सरेशाम धमधमिया में दो युवकों की गोली मार कर हत्या किये जाने की घटना के विरोध और पुलिस के प्रति आक्रोश में दुकानदारों ने बुधवार को धमधमिया बाजार बंद रखा. हत्यारों की गोली से मारा गया 22 वर्षीय आफताब आलम […]

धमधमिया हत्याकांड. मंगलवार को दो युवकों को मारी गयी थी गोली
खलारी : मंगलवार को सरेशाम धमधमिया में दो युवकों की गोली मार कर हत्या किये जाने की घटना के विरोध और पुलिस के प्रति आक्रोश में दुकानदारों ने बुधवार को धमधमिया बाजार बंद रखा. हत्यारों की गोली से मारा गया 22 वर्षीय आफताब आलम बाजार के ही एक दरजी का पुत्र था.
इसी दौरान दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने बैठक भी की.बैठक में ग्रामीणों ने धमधमिया स्थित पुलिस पिकेट को ओपी का दरजा देने की मांग की. बैठक में कहा गया कि विगत 12 वर्ष में धमधमिया में कई बड़ी घटनाएं घट चुकी हैं. पुलिस पिकेट रहने के बावजूद वहां के लोग भय के साये में जी रहे हैं. ग्रामीणों ने कहा कि किसी बड़ी वारदात के बाद भी पिकेट के लोग जल्दी बाहर नहीं निकलते. वे लोग अपनी ही सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं. सूचना देने पर आला अधिकारियों से अनुमति लेने की बात कहते हैं. ग्रामीणों ने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए पुलिस महानिदेशक और मुख्यमंत्री को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन देने का निर्णय लिया है.
बैठक में शेख शफीक अंसारी, अलीमुद्दीन अंसारी, अशोक कुमार, कुलदीप साहू, भोला प्रसाद, शंभू साव, बीरेंद्र कुमार, ऐनुल अंसारी, रवींद्र प्रसाद, सुरेश राम, माे मुस्तकीम, अनिल ठाकुर, शेख शमीम अंसारी, मो ईशा, देवनाथ प्रसाद मेहता, शंकर उरांव सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
शवों का हुआ अंतिम संस्कार : धमधमिया हत्याकांड में मारे गए दोनों युवकों के शवों के पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया. दुखन गंझू का दाह संस्कार उसके पैतृक गांव सलिचनवा में किया गया, वहीं आफताब को उसके पैतृक गांव बड़गांव में मिट्टी दी गयी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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