पिपरवार : सीएचपी/सीपीपी परियोजना में ऑपरेशन विभाग से मेकैनिकल विभाग में स्थानांतरित दो कर्मियों की वापसी की मांग को लेकर ग्रामीण विस्थापितों ने गुरुवार को सात घंटे तक वाशरी प्लांट बंद करा दिया. विस्थापितों द्वारा इसी मामले को लेकर एक पखवाड़ा पहले भी आंदोलन किया गया था.
तब वार्ता में 15 दिनों में मामले का हल निकाल लेने के प्रबंधन के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ था. निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद प्रबंधन की उदासीनता के विरोध में ग्रामीण विस्थापितों ने सुबह आठ बजे से वाशरी प्लांट का काम ठप करा दिया. विस्थापितों का आरोप था कि कर्मियों का स्थानांतरण गलत ढंग से किया गया है. बाद में प्रबंधन के साथ सीचपी/सीपीपी पीओ आरबी सिंह की अध्यक्षता में आंदोलनकारियों की वार्ता हुई.
प्रबंधन द्वारा मामले का हल एक माह में निकाल लिये जाने के आश्वासन के बाद आंदोलकारी शांत हुए. तत्पश्चात अपराह्न तीन बजे वाशरी प्लांट का काम चालू हो सका. मौके पर वरीय कार्मिक पदाधिकारी भगवान सिंह, मैनेजर एपी सिंह, एरिया सिक्युरिटी ऑफिसर कैप्टन एमके सिंह, नवनीत शेखर के अलावा विस्थापित ग्रामीणों में निर्मल उरांव, जुबैर आलम, मो अब्दुल्लाह, भीम ठाकुर, रूपलाल महतो, अशोक ठाकुर, हेमनाथ महतो, अब्दुल अंसारी, सुखदेव राम, मो जुल्फान, धनेश्वर राम, तारकेश्वर महतो, अरविंद आदि मौजूद थे.
