खलारी. मैक्लुस्कीगंज चामा पथ निर्माण का काम दूसरे दिन भी बंद रहा. घटनास्थल पर डीजीपी के दौरा के बावजूद शनिवार को काम नहीं हुआ. नक्सलियों द्वारा जलाये जाने के बाद जो मशीनें बची हुई हैं, उसे वहां से हटा लिया गया है. मजदूर भी काम करने को तैयार नहीं हुए. जो मजदूर सड़क निर्माण में लगे थे उनके समक्ष अब काम का संकट पैदा हो गया है.
जोराकाठ तक बन रही एक अन्य सड़क का काम भी बंद रहा. घटना के बाद मैक्लुस्कीगंज में सन्नाटा पसरा रहा. लोगों का कहना है कि जब थाना के नजदीक इस तरह की घटना हो सकती है, तो बाकी दूसरे जगहों का क्या होगा. लोगों का यह भी कहना है कि माओवादियों की गतिविधि की सूचना चार-पांच दिन पूर्व से ही मिल रही थी, लेकिन मैक्लुस्कीगंज पुलिस ने सुरक्षा का कोई उपाय नहीं किया. उनके पास एसएसबी के जवान भी थे.
इस घटना में मैक्लुस्कीगंज पुलिस का सभी सूचना तंत्र फेल हो गया. अब मैक्लुस्कीगंज पुलिस इस घटना से बचने के लिए बहाने गढ़ रही है. पुलिस के बीच कोई तालमेल नहीं है. मैक्लुस्कीगंज में लगभग एक हजार बच्चे बाहर से आकर पढ़ते हैं. दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद वे दहशत में हैं.
