जांच में पांच लोग श्वांस की बीमारी से पीड़ित मिले

डकरा : कोल इंडिया में कार्यरत सभी कोयला कर्मियों को श्वांस की जांच कराना अनिवार्य होगा, ताकि कंपनी को इस बात का आंकड़ा मिल सके कि कोयला उद्योग में कार्यरत कितने लोग श्वांस की बीमारी से पीड़त हो रहे हैं. शिकायत मिलने के बाद कोल इंडिया प्रबंधन ने उक्त जांच कराने का निर्णय लिया है. […]

डकरा : कोल इंडिया में कार्यरत सभी कोयला कर्मियों को श्वांस की जांच कराना अनिवार्य होगा, ताकि कंपनी को इस बात का आंकड़ा मिल सके कि कोयला उद्योग में कार्यरत कितने लोग श्वांस की बीमारी से पीड़त हो रहे हैं. शिकायत मिलने के बाद कोल इंडिया प्रबंधन ने उक्त जांच कराने का निर्णय लिया है.
इससे सबंधित पत्र एनके एरिया प्रबंधन को भी मिला है. सीसीएल प्रबंधन ने गांधीनगर अस्पताल रांची के श्वांस रोग विशेषज्ञ डाॅ अमरेश कुमार को डकरा और ढोरी केंद्रीय अस्पताल जाकर जांच करने का जिम्मा दिया गया है. प्रत्येक माह के चौथे गुरुवार को डकरा तथा प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को ढोरी अस्पताल में कोयला कर्मियो की जांच की जायेगी. गुरुवार को डकरा अस्पताल में 35 लोगों की जांच की गयी, जिसमें पांच श्वांस की बीमारी से पीड़त पाये गये. जांच में सिपला कंपनी सहयोग कर रही है. शिविर में डाॅ एआर मुंडा, डाॅ मनोज कुमार, डाॅ एम मार्की, पिपरवार एसओपी उमेश सिंह, कमलेश कुमार सिंह, सिस्टर कृपा व सिपला कंपनी के नवनीत सिंह मौजूद थे.

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