खलारी : कभी गुलजार रहनेवाला खलारी का शहीद चौक आज पूरी तरह उपेक्षित है. वो दिन था जब खलारी आये अतिथियों को लोग शहीद चौक घुमाने लाया करते थे. तब खलारी के प्रतीक चिह्नों में एक था यह शहीद चौक. आज यही चौक परिसर टेंपो सहित अन्य वाहनों का स्टैंड बन गया है.
शहीद स्तंभ मोटे चेन की रेलिंग से घिरा हुआ था. रेलिंग का अब कोई अता-पता नहीं है. ओवरब्रिज बनानेवाली कंपनी सिंपलेक्स इंडिया ने इस जगह को रॉ मेटेरियल रखने का जगह बना दी थी. कंपनी ने खलारी के लोगों को आश्वस्त किया था कि जाने से पहले इस शहीद स्तंभ का जीर्णोद्धार करके ही जायेगी.
परंतु अपने वायदे से मुकरते हुए कंपनी अचानक खलारी से चली गयी. इसके बाद आसपास के दूसरे लोग भी इस खाली जगह का उपयोग अन्य कार्यों के लिए करने लगे. 15 अगस्त और 26 जनवरी को ही विभिन्न विभाग के अधिकारियों व अन्य लोगों को इस शहीद स्तंभ की याद आती है.
