खलारी : बीकेवी कंपनी में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर असंगठित मजदूरों का 11 फरवरी से आहूत हड़ताल वेतन में बढ़ोतरी के बाद वापस ले लिया गया. ज्ञात हो कि हड़ताल का नेतृत्व जिप सदस्य सह मजदूर नेता अब्दुल्ला अंसारी कर रहे थे. सोमवार की सुबह एक भी मजदूर कंपनी में काम करने नहीं गये. जिसके कारण मोनेट कोल वाशरी का कोयला ढुलाई पूरी तरह ठप हो गया. अपराह्न 12 बजे कंपनी के जीएम उमेश कुमार उपाध्याय व असंगठित मजदूरों के बीच वार्ता हुई.
वार्ता में कंपनी में काम करनेवाले सभी असंगठित मजदूरों का पूर्व में निर्धारित वेतन में दिसंबर से ही 2000 रुपये बढ़ोतरी कर वेतन देने पर सहमति बनी. साथ ही प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत इंक्रीमेंट देने का निर्णय लिया गया. वार्ता में बिजेंद्र रावत, सुनील सिंह, मुमताज अंसारी, अशोक सिंह, राजकुमार मुंडा, फारूक अंसारी, सदाम अंसारी, ओमप्रकाश पांडेय, सुरेंद्र गंझू, अनिल तिग्गा, विश्वास उरांव, नसीम अंसारी, असलम अंसारी, जिबराइल अंसारी शामिल थे.
इधर इएंडएम विभाग में काम करनेवाले सभी असंगठित मजदूर जिप सदस्य अब्दुल्ला अंसारी के नेतृत्व में मजदूरी में बढ़ोतरी की मांग को लेकर आज सुबह से हड़ताल पर चले गये. अब्दुल्ला ने कहा कि जब तक मजदूरी में बढ़ोतरी नहीं किया जायेगी, मजदूर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे. कहा कि वर्तमान में जिस स्तर से महंगाई बढ़ रही है, उसके अनुपात में मजदूरी नहीं बढ़ी है. पिछले 10 साल से इन मजदूरों की मजदूरी में बढ़ोतरी नहीं हुई है. मजदूरों ने इसके विरोध में जम कर नारेबाजी की.
