खूंटी : जिला के रनिया प्रखंड के सौदे पंचायत सहित सिमडेगा जिला के बानो प्रखंड के करीब 60 गांवों के लोगाें की जिंदगी बरसात में ठहर जाती है. खूंटी के सौदे व सिमडेगा के बानो प्रखंड को जोड़नेवाला सौदे-पाड़ो पुल (सौदे स्थित कोयल नदी) वर्षों बाद इस वर्ष बन कर पूरा हुआ. पुल का एप्रोच पथ नहीं बनने के कारण पुल से आवागमन नहीं हो रहा है. स्थिति है कि बरसात के मौसम में दोनों प्रखंडों का संपर्क पूरी तरह कट जाता है. ग्रामीण इस नदी में नाव से बानो व रनिया आना-जाना करते हैं. मछुआरों का कहना है कि बरसात में नाव चला कर ग्रामीणों को आर-पार कराते हैं.
बीमार होने पर होती है दिक्कत
कोयल नदी पर पुल के चालू न होने से सौदे क्षेत्र के टुटीकेल, कतारी, गोपिला, बारजो, कराकेल, निरसिंह, बघिया, खटकूरा, बांगुरकुलम, रायसोम, डेलकीदुरा आदि गांव के लोग इलाज के लिए रनिया प्रखंड अस्पताल न जाकर बानो व हाटिंगहोड़े नाव से जाते हैं. या फिर काफी ऊंचाई वाले व पांच किलोमीटर दूरी के सर्वों घाटी को पार कर रनिया जाते हैं.
पुल के चालू होने से दूरी घटती
बानो क्षेत्र के लोगों को कोलेबिरा होकर रांची आने में करीब 180 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि सौदे स्थित उक्त पुल के बन जाने से मात्र 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी.
जमीन अधिग्रहण का मामला लटका : जिला प्रशासन ने पुल के एप्रोच पथ बनाने को लेकर जमीन अधिग्रहण करने के लिए कुछ माह पूर्व ग्रामसभा की. जिसमें 22 गांवों के संबंधित रैयतों ने हिस्सा लिया. मुआवजा के प्रश्न पर अबतक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ठप है.
